सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा कदम: GIFT City में खुलेगा अंतरराष्ट्रीय ब्रांच, विदेशी कारोबार को मिलेगी रफ्तार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा कदम: GIFT City में खुलेगा अंतरराष्ट्रीय ब्रांच, विदेशी कारोबार को मिलेगी रफ्तार
Overview

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) अगले महीने गुजरात के GIFT City में अपना इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) बैंकिंग यूनिट (IBU) लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस कदम से बैंक अपने अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और विदेशी मुद्रा (forex) कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद कर रहा है। बैंक ने इस विस्तार के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से सभी ज़रूरी मंजूरियां हासिल कर ली हैं।

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ग्लोबल बिजनेस के लिए बड़ा कदम

GIFT City में इस इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) बैंकिंग यूनिट (IBU) का लॉन्च सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लिए अपनी ग्लोबल पहुंच और सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कल्याण कुमार (Kalyan Kumar) ने कहा कि बैंक को इस नई यूनिट के जरिए विदेशी मुद्रा (foreign exchange) कारोबार की एक बड़ी मात्रा को संभालने की उम्मीद है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से मिली मंज़ूरी के बाद, यह IBU कॉर्पोरेट ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग उत्पादों की एक पूरी श्रृंखला प्रदान करेगा। इनमें विदेशी मुद्रा ऋण (foreign currency loans), विशेष व्यापार वित्त (specialized trade finance), ट्रेजरी सेवाएं (treasury services) और जोखिम प्रबंधन उपकरण (risk management tools) शामिल हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जिन्हें विदेशी मुद्रा में फंडिंग की आवश्यकता है। कुमार ने आगे कहा कि इससे बैंक की अंतरराष्ट्रीय क्षमताएं (international capabilities) और प्रतिस्पर्धी स्थिति (competitive standing) मजबूत होगी।

ECL गाइडलाइंस की तैयारी

एक अलग चर्चा में, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कल्याण कुमार (Kalyan Kumar) ने 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होने वाले नए एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (Expected Credit Loss - ECL) गाइडलाइंस के लिए बैंक की तैयारियों पर भी बात की।

उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक पूरी तरह तैयार है। बैंक ने पहले ही अतिरिक्त प्रोविज़न (provisions) बनाए हैं: 'स्टेज 1' और 'स्टेज 2' एसेट्स के लिए ₹1,575 करोड़ और 'स्टेज 3' एसेट्स के लिए पूरा प्रोविज़न। यह सक्रिय कदम ECL फ्रेमवर्क में सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करने में मदद करेगा, जिसमें क्रेडिट जोखिम (credit risk) को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए बैंकों को संभावित नुकसान का अधिक सटीकता से अनुमान लगाने की आवश्यकता होगी।

बैंक ने अपने क्रेडिट असेसमेंट और मॉनिटरिंग प्रक्रियाओं में भी सुधार दिखाया है, जो मजबूत जोखिम प्रबंधन (risk management) को दर्शाता है। ECL के कार्यान्वयन की तैयारी के लिए विभिन्न बाजार स्थितियों में इसके पोर्टफोलियो के प्रदर्शन का विश्लेषण करने हेतु नए स्ट्रेस टेस्टिंग मॉडल (stress testing models) विकसित किए जा रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.