Central Bank of India ने Q2 FY27 के लिए प्रोविजनल अपडेट जारी किए हैं, जिसमें लोन (Advances) **29.83%** बढ़कर **₹3,81,035 करोड़** पहुंच गए हैं। हालांकि, डिपॉजिट ग्रोथ की धीमी रफ्तार (**14.43%**) के कारण CASA रेशियो गिरकर **44.70%** रह गया है, जो बैंक के मुनाफे पर दबाव बना सकता है।
लोन ग्रोथ तो दमदार, लेकिन फंडिंग का क्या?
बैंक के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर तिमाही में बैंक ने जबरदस्त क्रेडिट डिप्लॉयमेंट दिखाया है। ग्लोबल एडवांसेज में 29.83% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, तेजी से लोन बांटने के साथ-साथ फंड जुटाना बैंक के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कुल डिपॉजिट 14.43% बढ़कर ₹5,08,586 करोड़ तक ही पहुंच पाए हैं।
क्यों गिर रहा है CASA रेशियो?
बैंक का CASA रेशियो साल-दर-साल आधार पर 46.83% से घटकर 44.70% पर आ गया है। निवेशकों के लिए यह एक अहम संकेत है। जब बैंक का CASA गिरता है, तो इसका मतलब है कि उन्हें सस्ता फंड कम मिल रहा है और उन्हें अब महंगे 'बल्क टर्म डिपॉजिट' पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव का डर
अगर डिपॉजिट महंगे होते हैं और बैंक उसे लोन लेने वाले ग्राहकों पर ट्रांसफर नहीं कर पाता, तो इसका सीधा असर नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर पड़ेगा। यह वही मुनाफा है जो बैंक अपनी कमाई और लागत के अंतर से बनाता है। फिलहाल, बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट के लिए कड़ा मुकाबला चल रहा है, जिससे ब्याज दरें ऊपर जा रही हैं और बैंकों की प्रॉफिटेबिलिटी पर मार पड़ रही है।
आगे क्या देखें?
आने वाले नतीजों में मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि बैंक ने अपने लोन बुक की क्वालिटी को कैसे मैनेज किया है और भविष्य में CASA रेशियो को सुधारने के लिए मैनेजमेंट क्या कदम उठा रहा है। क्या बैंक रिटेल, कॉर्पोरेट या MSME सेगमेंट में से किस पर अपना फोकस रखने वाला है, यह देखना बेहद जरूरी होगा।
