NBFC सेक्टर की दिग्गज कंपनी Capri Global Capital ने अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का प्लान तैयार किया है। कंपनी अगले साढ़े तीन साल में अपने लोन बुक को ₹1 लाख करोड़ तक ले जाना चाहती है और इसके लिए ₹500 मिलियन की नई फंडिंग जुटाने पर विचार कर रही है।
आक्रामक विस्तार और गोल्ड लोन पर दांव
मुंबई स्थित NBFC कंपनी Capri Global Capital ने अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट को अगले 3 से 3.5 साल में बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी का पूरा फोकस अपने गोल्ड लोन बिजनेस और फिजिकल ब्रांच नेटवर्क पर है। वर्तमान में कंपनी के पास 1,433 लोकेशन्स हैं और दिसंबर 2026 तक कंपनी 400 नई ब्रांच और खोलने की योजना बना रही है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह अपने गोल्ड लोन डिवीजन को अलग (Demerge) नहीं करेगी, बल्कि इसे अपने मुख्य बिजनेस का हिस्सा बनाए रखेगी।
मुनाफे का अनुमान और फंडिंग प्लान
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹353 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी दौरान ₹175 करोड़ था। इस शानदार प्रदर्शन के बाद मैनेजमेंट ने अपने पूरे साल के प्रॉफिट का अनुमान बढ़ाकर ₹1,500 करोड़ कर दिया है, जो पहले ₹1,300 करोड़ था। अपनी इस ग्रोथ को गति देने के लिए कंपनी Citibank और Jefferies जैसी ग्लोबल फर्मों के साथ $500 मिलियन तक की फंडरेजिंग के लिए शुरुआती चर्चा कर रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और जरूरी बातें
तेजी के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। गोल्ड लोन पर अत्यधिक निर्भरता से कंपनी के सामने 'कंसंट्रेशन रिस्क' (Concentration Risk) हो सकता है। हालांकि कंपनी की रेटिंग को अपग्रेड कर ACUITE AA+ कर दिया गया है, लेकिन हाल ही में BSE और NSE ने नियमों के पालन में देरी के कारण कंपनी पर ₹74,000 का जुर्माना भी लगाया था। निवेशकों को अब कंपनी के ब्रांच विस्तार की सफलता, नए फंडरेजिंग के नतीजे और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस व MSME लोन के एसेट क्वालिटी पर कड़ी नजर रखनी होगी।
