Capri Global Capital: पहली बार डॉलर बॉन्ड से जुटाएगी ₹2400 करोड़, कंपनी की ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Capri Global Capital: पहली बार डॉलर बॉन्ड से जुटाएगी ₹2400 करोड़, कंपनी की ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार!
Overview

Capri Global Capital Ltd. अपनी ग्रोथ को और रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी पहली बार **$200 मिलियन से $300 मिलियन** (लगभग **₹1600 करोड़ से ₹2400 करोड़**) का डॉलर-डिनोमिनेटेड बॉन्ड (Dollar-denominated Bond) इश्यू करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी के फंडिंग स्रोतों को متنوع करने और भारत में बढ़ते क्रेडिट डिमांड को पूरा करने के लिए लोन बुक के विस्तार में मदद करेगा।

विकास को पंख लगाने की तैयारी: Capri Global का पहला विदेशी बॉन्ड

भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFCs) तेजी से अपने विस्तार के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों का रुख कर रही हैं। इसी कड़ी में, Capri Global Capital Ltd. भी इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए तैयार है। कंपनी $200 मिलियन से $300 मिलियन (लगभग ₹1600 करोड़ से ₹2400 करोड़) का डॉलर बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है। इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के फंडिंग बेस को और मजबूत करना और पूरे भारत में क्रेडिट (Credit) की बढ़ती मांग को पूरा करना है।

डील को कौन संभालेगा और कब तक?

मुंबई स्थित यह लेंडर (Lender) इस सौदे के लिए Deutsche Bank AG, Barclays Plc, और Citigroup Inc. जैसी बड़ी फाइनेंशियल संस्थानों के साथ काम कर रही है। हालांकि, अभी तक औपचारिक तौर पर मैंडेट (Mandate) की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद है कि यह 3 साल की अवधि वाला बॉन्ड होगा। इस इश्यू के समय को क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) मिलने और मौजूदा उधार लागत (Borrowing Costs) पर भी निर्भर करेगा, लेकिन यह मार्च या अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

क्यों यह कदम महत्वपूर्ण है?

Capri Global का यह विदेशी फंड जुटाने का प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब ब्लूमबर्ग डेटा के अनुसार, भारतीय उधारकर्ताओं द्वारा 2025 में डॉलर बॉन्ड की बिक्री $8.4 बिलियन तक गिर गई थी, जो पिछले साल $13.3 बिलियन थी। इसके बावजूद, यह उम्मीद की जा रही है कि नॉन-बैंक लेंडर्स भविष्य में ऐसे इश्यू के जरिए फंडिंग गैप को पाटेंगे और क्रेडिट ग्रोथ के अवसरों का लाभ उठाएंगे। Capri Global का यह कदम उसकी ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.