Capri Global Capital ने इंटरनेशनल बॉन्ड मार्केट में अपनी पहली दस्तक दी है। कंपनी ने **$300 मिलियन** के सीनियर सिक्योर्ड नोट्स जारी किए हैं, जिस पर **7.55%** का कूपन रेट तय हुआ है।
ग्लोबल मार्केट से मिला जोरदार रिस्पॉन्स
Capri Global Capital Limited (CGCL) ने अपने $1 बिलियन के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट प्रोग्राम के तहत यह पहली बड़ी फंडिंग हासिल की है। निवेशकों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा और ऑर्डर बुक $700 मिलियन के पार पहुंच गई, जो कि इश्यू साइज से 2.3 गुना ज्यादा है। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 64 बड़े इंस्टीट्यूशनल अकाउंट्स ने हिस्सा लिया। इन नोट्स को इंडिया INX और NSE IFSC प्लेटफॉर्म्स पर लिस्ट किया जाएगा।
क्या है निवेशकों के लिए 'डबल-एज्ड स्वोर्ड'?
जहां यह कदम कंपनी को घरेलू बैंकों पर निर्भरता कम करने और लंबी अवधि के विकास के लिए लिक्विडिटी जुटाने में मदद करेगा, वहीं इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। विदेशी मुद्रा में कर्ज लेने से कंपनी पर करेंसी फ्लक्चुएशन का असर पड़ सकता है। अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो कर्ज चुकाने की लागत बढ़ सकती है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आने की संभावना बनी रहेगी।
आगे की राह और रिस्क
कंपनी की क्रेडिट रेटिंग फिलहाल Moody's की ओर से Ba3 और Fitch की ओर से BB- है। निवेशकों को यह नजर रखनी होगी कि कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल कैसे करती है। क्या यह पैसा हाई-रिटर्न लोन पोर्टफोलियो में जाएगा या कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी कर्ज का बोझ बढ़ाएगा? आने वाली तिमाही नतीजों में मैनेजमेंट की कमेंट्री और हेजिंग स्ट्रैटेजी इस बात का संकेत देगी कि यह कदम कंपनी के लिए फायदेमंद साबित होगा या सिरदर्द बनेगा।
