Capri Global Capital का पब्लिक बॉन्ड मार्केट में पहला कदम
Capri Global Capital ने पब्लिक बॉन्ड मार्केट में अपना पहला कदम रखा है। कंपनी ₹500 करोड़ जुटाने के लिए नए बॉन्ड पेश कर रही है, जिनकी सब्सक्रिप्शन 15 अप्रैल 2026 से खुलेगी। यह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के लिए एक अहम कदम है, जो अब बैंकों और इक्विटी के अलावा अन्य निवेशकों से फंड जुटाना चाहती है।
इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 2 से 10 साल तक की होगी, और वार्षिक कूपन रेट 9.00% से 9.50% के बीच होगा। छोटे टेन्योर पर हर महीने इंटरेस्ट पेमेंट (monthly interest payouts) का ऑप्शन भी मिलेगा। यह ₹500 करोड़ का ऑफर Capri Global के ₹2,000 करोड़ के बड़े फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है, जिससे कंपनी अपने बिजनेस ग्रोथ और कैपिटल डाइवर्सिफिकेशन को सपोर्ट करेगी। Acuite Ratings और Infomerics Valuation जैसी रेटिंग एजेंसियों ने इन बॉन्ड्स को 'AA' की रेटिंग दी है, जो यह बताती है कि इनमें निवेश काफी सुरक्षित है।
NBFCs में पब्लिक डेट का बढ़ता चलन
Capri Global का यह कदम देश में NBFC सेक्टर का बढ़ता चलन दिखाता है, जहां कंपनियां एसेट ग्रोथ के लिए पब्लिक डेट मार्केट का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर (जो मार्च 2026 में खत्म हुआ) में भारतीय कॉर्पोरेशन्स ने पब्लिक डेट से करीब ₹10,700 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल के ₹8,150 करोड़ से काफी ज्यादा है। Capri द्वारा ऑफर की जा रही 9.50% तक की यील्ड, खासकर 10 साल के बॉन्ड पर, काफी आकर्षक है। दिसंबर 2025 तक AAA-रेटेड NBFC बॉन्ड्स पर जहां 7.40% तक यील्ड मिल रही थी, वहीं हाई-यील्ड बॉन्ड्स 14.10% तक जा रहे थे।
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और जोखिम
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेवेन्यू ₹3,250 करोड़ रहा और प्रॉफिट में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) दिसंबर 2025 तक ₹30,406.58 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (interest coverage ratio) थोड़ा कम है, जो भविष्य में इंटरेस्ट पेमेंट को लेकर चिंता पैदा कर सकता है।
'AA' रेटिंग और अच्छे कूपन रेट के बावजूद, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी का कम इंटरेस्ट कवरेज रेशियो बढ़ते इंटरेस्ट एक्सपेंस को संभालने में मुश्किल पैदा कर सकता है। भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती महंगाई के चलते RBI द्वारा भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी Capri की उधार लेने की लागत बढ़ा सकती है। कंपनी के लोन पोर्टफोलियो में MSME और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस जैसे सेग्मेंट्स शामिल हैं, जो इकोनॉमिक मंदी या रेगुलेटरी बदलावों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की राह
एनालिस्ट्स भी इस ऑफर को लेकर मिली-जुली राय दे रहे हैं। ICICI Securities ने तो स्टॉक पर 'REDUCE' रेटिंग दी है, जो भविष्य में स्टॉक परफॉरमेंस को लेकर संशय दिखाता है। वहीं, Fitch Ratings ने 'BB-' की रेटिंग दी है, जो अलग-अलग एजेंसियों के बीच जोखिम के आकलन में भिन्नता को दर्शाता है।
Capri Global Capital की यह बॉन्ड इश्यु, कंपनी की फंडिंग को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं को गति देने का काम करेगी। यह कदम NBFC सेक्टर के बढ़ते कद और फंड जुटाने की नई राहों को दिखाता है। Capri की फाइनेंसियल हेल्थ और मौजूदा इंटरेस्ट रेट कंडीशंस का मैनेजमेंट, इस पब्लिक डेट इश्युअर के रूप में इसके डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण होगा।
