कैपिटल ग्रुप के स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने NBFC कंपनी Capri Global Capital में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। फंड ने ₹240.23 करोड़ में **1.03%** अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी में संस्थागत निवेशकों की बढ़ती रुचि का संकेत है।
बड़ी खरीदारी: विदेशी फंड का भरोसा
भारतीय शेयर बाजारों में आज बड़े निवेशकों की गतिविधियां चर्चा का विषय रहीं। कैपिटल ग्रुप के स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) Capri Global Capital में बड़ी खरीदारी की है। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, फंड ने ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए 1 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 1.03% बढ़ गई। यह खरीदारी ₹240.24 प्रति शेयर के औसत भाव पर हुई, जिससे इस सौदे का कुल मूल्य करीब ₹240.23 करोड़ रहा।
संस्थागत निवेश का बढ़ता दखल
इस ताजा खरीद से NBFC कंपनी में फंड की मौजूदगी और बढ़ गई है। इस सौदे से पहले, स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड के पास 1.71% हिस्सेदारी थी (जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार)। संस्थागत खरीदार अक्सर किसी कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस मॉडल पर भरोसा जताते हैं। हालांकि, दैनिक शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव अलग हो सकते हैं। 8 जुलाई को Capri Global Capital के शेयर 0.17% गिरकर बंद हुए। फिर भी, पिछले कुछ महीनों में स्टॉक में काफी हलचल देखी गई है, जो मार्च 2026 के अपने निचले स्तरों से लगभग 63% बढ़ा है। निवेशक अक्सर ऐसी संस्थागत चालों पर नजर रखते हैं ताकि भविष्य में लिक्विडिटी की संभावना और कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में बड़े निवेशकों के विश्वास का अंदाजा लगाया जा सके।
Knack Packaging के IPO में BofA Securities की एंट्री
एक अन्य सौदे में, BofA सिक्योरिटीज यूरोप एसए ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर नव-सूचीबद्ध (Newly Listed) Knack Packaging में 0.58% हिस्सेदारी हासिल की। फर्म ने 7.17 लाख इक्विटी शेयर ₹185.93 प्रति शेयर के औसत भाव पर खरीदे, जिसका कुल मूल्य ₹13.34 करोड़ रहा। स्टॉक ने सकारात्मक शुरुआत की और अपने इश्यू प्राइस ₹170 की तुलना में ट्रेडिंग सत्र 7.6% की बढ़त के साथ ₹182.98 पर बंद हुआ। यह प्रदर्शन तब आया जब व्यापक बाजार की भावना अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई थी।
आगे क्या?
Capri Global Capital पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए, आगे की महत्वपूर्ण बातें कंपनी के तिमाही वित्तीय परिणाम और मैनेजमेंट की ओर से लोन बुक ग्रोथ या मार्जिन ट्रेंड्स पर कोई टिप्पणी होंगी। चूंकि NBFC सेक्टर ब्याज दरों में बदलाव और लिक्विडिटी की स्थिति के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि कंपनी बदलती आर्थिक माहौल में अपने कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है और लाभ मार्जिन बनाए रखती है। अगले कुछ हफ्तों में संस्थागत खरीदारी का यह रुझान जारी रहता है या नहीं, इसे स्पष्ट करने के लिए आगे की रेगुलेटरी फाइलिंग पर भी नजर रखनी चाहिए।
