नतीजों ने किया निराश, मार्जिन पर दबाव
Canara Robeco AMC के हालिया वित्तीय नतीजों ने निवेशकों को झटका दिया है। Q4 FY26 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹114.2 करोड़ दर्ज किया गया, लेकिन ऑपरेटिंग खर्चे 23% तक बढ़ गए। इसके चलते, नेट प्रॉफिट 1% घटकर ₹41.4 करोड़ पर आ गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹424.9 करोड़ हुआ, लेकिन खर्चों में 23% की भारी बढ़ोतरी से प्रॉफिट ग्रोथ सिर्फ 7% ही रह पाई। यह स्थिति मार्जिन पर गंभीर दबाव का संकेत दे रही है। इसी के चलते 28 अप्रैल 2026 को शेयर लगभग 3.74% की गिरावट के साथ ₹269.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स में तेजी थी।
वैल्यूएशन और पीयर कंपेरिजन
Canara Robeco AMC का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 26.7x है, जो इसके बड़े प्रतिद्वंद्वियों HDFC Asset Management Company (HDFC AMC) ( 39-41x P/E) और ICICI Prudential AMC ( 40-50x P/E) से कम है। Nippon Life India Asset Management का P/E भी 43-47x है। हालांकि, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) के मामले में Canara Robeco AMC पिछड़ रही है। इसका ROE लगभग 29-30% है, जबकि ICICI Prudential AMC का 85% से ऊपर और HDFC AMC का 32-37% है। इंडस्ट्री का औसत P/E 19.5x से 31x के बीच है, जिससे Canara Robeco AMC बहुत महंगा नहीं लगता, लेकिन इसकी प्रॉफिटेबिलिटी प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से कमजोर है। 28 अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹5,581.89 करोड़ था।
पिछले विवाद और सेक्टर का हाल
निवेशकों की चिंताओं को बढ़ाने वाला एक और पहलू जून 2024 में हुआ SEBI (Securities and Exchange Board of India) के साथ सेटलमेंट है। कंपनी ने म्यूचुअल फंड रेगुलेशन के कथित उल्लंघन के लिए ₹84.82 लाख का भुगतान कर मामला सुलझाया था। हालांकि यह मुद्दा अब सुलझ गया है, लेकिन यह कंपनी के इंटरनल कंट्रोल या कंप्लायंस को लेकर सवाल खड़े कर सकता है। दूसरी ओर, 27 अप्रैल 2026 को निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.26% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जो सेक्टर में चल रही अनिश्चितता को दर्शाता है। पिछले एक साल में Canara Robeco AMC के शेयर ने लगभग फ्लैट रिटर्न दिया है।
आगे की राह
Canara Robeco AMC को एक प्रतिस्पर्धी एसेट मैनेजमेंट बाजार में मार्जिन के दबाव से निपटना होगा। भले ही कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 3% बढ़कर ₹1,06,600 करोड़ हुआ और तिमाही औसत AUM (QAAUM) में 14% की बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन इस ग्रोथ को शेयरधारकों के लिए वैल्यू में बदलना लागत प्रबंधन पर निर्भर करेगा। एनालिस्ट्स के मिश्रित सेंटीमेंट के बीच, निवेशकों की नजरें अब आने वाली रिपोर्ट्स पर होंगी कि क्या कंपनी लागतों को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर पाती है और मार्जिन में सुधार कर पाती है।
