Canara Bank Cybersecurity Focus: IT खर्च ₹2,000 करोड़ पार, साइबर सुरक्षा पर जोर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Canara Bank Cybersecurity Focus: IT खर्च ₹2,000 करोड़ पार, साइबर सुरक्षा पर जोर

कैनरा बैंक (Canara Bank) साइबर सुरक्षा और आईटी (IT) में अपना खर्च बढ़ाकर **₹2,000 करोड़** से अधिक करने जा रहा है। यह कदम इंडस्ट्री में बढ़ते डिजिटल खतरों को देखते हुए उठाया गया है। बैंक इस निवेश से ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना चाहता है, वहीं गोल्ड लोन ग्रोथ और एसेट रिकवरी पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि ये टेक्नोलॉजी खर्च बैंक के मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं, खासकर ₹8,500 करोड़ के कैपिटल रेज़ (Capital Raise) प्लान के साथ।

Detailed Coverage

साइबर सुरक्षा पर बड़ा दांव

भारत के चौथे सबसे बड़े सरकारी बैंक, कैनरा बैंक (Canara Bank) ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना फोकस बढ़ाया है। बेंगलुरु स्थित इस बैंक ने सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) और सुरक्षा पहलों के लिए ₹2,000 करोड़ से अधिक के फंड का ऐलान किया है। यह कदम फाइनेंशियल सेक्टर में डिजिटल खतरों के बढ़ने के बाद उठाया गया है। हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के ज़रिए हुए डेटा ब्रीच (Data Breach) जैसी घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ाया है। बैंक का कहना है कि उसके ऑपरेशंस सुरक्षित हैं, लेकिन वह बढ़ते खतरों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग से निपटने के लिए अपने सिक्योरिटी और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर्स को अपग्रेड कर रहा है।

टेक्नोलॉजी निवेश और बैंक की रणनीति

मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, ब्रजेश कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बैंक ग्राहकों के भरोसे को प्राथमिकता दे रहा है और मौजूदा डिजिटल माहौल में सिस्टम को लगातार अपग्रेड करना ज़रूरी है। साइबर सुरक्षा के अलावा, बैंक अपनी एक व्यापक फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी (Financial Strategy) पर भी काम कर रहा है। बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) तक अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 20-25% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जिसमें वह पहले से ही मार्केट में एक लीडिंग पोजीशन रखता है। अपनी ग्रोथ और रेगुलेटरी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, बैंक के बोर्ड ने अतिरिक्त टियर-I (Additional Tier-I) और टियर-II बॉन्ड्स (Tier-II Bonds) के ज़रिए ₹8,500 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए एक रेजोल्यूशन (Resolution) को मंजूरी दी है। फंड जुटाने का सही समय मार्केट की स्थितियों को देखते हुए तय किया जाएगा।

एसेट क्वालिटी और फंडिंग की योजनाएं

बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अपेक्षित क्रेडिट लॉस (Expected Credit Loss - ECL) फ्रेमवर्क की तैयारी कर रहा है। इसके लिए, बैंक अपने प्रोविजन कवरेज रेशियो (Provision Coverage Ratio) को बढ़ाकर लगभग 95% करने की योजना बना रहा है, ताकि भविष्य की अनिश्चितताओं के खिलाफ बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके। बैंक ने परफॉरमेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (Performance-linked incentive) देनदारियों के लिए लगभग ₹300 करोड़ अलग रखे हैं। एसेट रिकवरी (Asset Recovery) के मोर्चे पर, कैनरा बैंक ने पहली तिमाही में ₹2,300 करोड़ की रिकवरी की है और FY27 तक कुल ₹11,000 करोड़ की रिकवरी का लक्ष्य रखा है। ज्यादातर पुराने कॉर्पोरेट स्ट्रेस्ड एसेट्स (Stressed Assets) को नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) को ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे बैंक के लोन बुक को साफ करने में मदद मिली है।

इसके अतिरिक्त, कैनरा बैंक फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स (FCNR Deposits) और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (External Commercial Borrowings) जैसे इंटरनेशनल फंडिंग रूट्स (International Funding Routes) के ज़रिए $2.3 बिलियन से $2.5 बिलियन तक की राशि जुटाने की योजना बना रहा है। इसमें से, बैंक पहले ही $775 मिलियन FCNR डिपॉजिट्स के ज़रिए जुटा चुका है और RBI की स्पेशल विंडो 30 सितंबर को बंद होने से पहले $1.5 बिलियन जुटाने का लक्ष्य रख रहा है। निवेशकों की नज़रें इस बात पर रहेंगी कि ये फंडिंग एक्टिविटीज़, बढ़ते टेक्नोलॉजी खर्चों के साथ मिलकर, आने वाली तिमाहियों में बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड्स (Cost of Funds) और प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) को कैसे प्रभावित करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.