Canara Bank के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी राहत भरा रहा। बैंक ने सितंबर तिमाही के लिए **₹5,175 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसके बाद इसके शेयर में **5%** की जोरदार तेजी देखने को मिली है।
मुनाफे में इजाफे की वजह
बैंक के शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 20% की भारी बढ़ोतरी रही, जो कि ₹11,005 करोड़ पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा बैंक के लोन बुक के विस्तार और बेहतर प्राइसिंग पावर को दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार
निवेशकों का भरोसा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बैंक की सुधरती एसेट क्वालिटी है। बैंक का ग्रॉस NPA घटकर 1.33% और नेट NPA 0.30% रह गया है। यह लगातार 23वीं तिमाही है जब बैंक ने बैड लोन (Bad Loans) की स्थिति को बेहतर किया है। साथ ही, बैड लोन के लिए प्रोविजनिंग को घटाकर ₹1,339 करोड़ कर दिया गया, जिसने मुनाफे को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
स्टॉक का पिछला प्रदर्शन और चुनौतियां
हालांकि आज की 5% की तेजी निवेशकों को खुश कर रही है, लेकिन ध्यान रहे कि इस साल की शुरुआत से अब तक शेयर 19% नीचे चल रहा है। मार्केट फिलहाल इस एक तिमाही के नतीजों को स्थिरता के संकेत के तौर पर देख रहा है।
आगे चलकर बैंक के सामने डिपॉजिट कॉस्ट (Cost of Deposits) बढ़ने का खतरा बरकरार है। अगर डिपॉजिट पर खर्च बढ़ता है, तो आने वाली तिमाहियों में नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होंगी कि क्या बैंक इस ग्रोथ मोमेंटम को आगे भी बरकरार रख पाएगा।
