मुनाफे में गिरावट, पर एसेट क्वालिटी बेमिसाल
Canara Bank के हालिया तिमाही नतीजों में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। भले ही बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) 18.4% गिरकर ₹6,757 करोड़ पर आ गया हो, जिसके चलते नेट प्रॉफिट में 9.9% की कमी आई, लेकिन बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) ने शानदार प्रदर्शन किया है।
कहां से आई गिरावट और कहां दिखा सुधार?
चौथी तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट ₹4,506 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹5,003 करोड़ से कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से ऑपरेटिंग इनकम में आई नरमी के कारण है। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 3.9% बढ़कर ₹9,808 करोड़ हो गया, जो कि कोर लेंडिंग बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर, बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 2.08% से घटकर 1.84% पर आ गया है, जबकि नेट NPA भी 0.45% से कम होकर 0.43% हो गया है। इससे यह साफ है कि बैंक बुरे कर्ज को संभालने में बेहतर कर रहा है। इसके अलावा, बैंक ने बैड लोन के लिए प्रोविजन्स (Provisions) को भी ₹1,832 करोड़ से घटाकर ₹992 करोड़ कर दिया, जिसने नेट प्रॉफिट को कुछ हद तक सहारा दिया।
वैल्यूएशन और भविष्य की चिंताएं
फिलहाल, Canara Bank का P/E रेश्यो (Price to Earnings Ratio) लगभग 6.2-6.7 के आसपास है, और मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹1.21 ट्रिलियन है। अगर इसकी तुलना SBI जैसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों से करें, जिनका P/E 11.21x से 13.3x है, तो Canara Bank का वैल्यूएशन थोड़ा कम लगता है।
भविष्य को लेकर एक बड़ी चिंता यह है कि 2026 से RBI द्वारा डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट सिक्योरिटी को लेकर लाए जाने वाले नए रेगुलेटरी बदलावों से बैंकों के ऑपरेशनल खर्च बढ़ सकते हैं।
एनालिस्ट्स की राय
Analyst Firm MarketsMOJO ने हाल ही में Canara Bank की रेटिंग को 'Hold' कर दिया है, जो मिश्रित संकेतों और वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं दर्शाता है। हालांकि, अन्य एनालिस्ट्स का टारगेट प्राइस ₹156.75 से ₹175 के बीच है, जो कुछ ग्रोथ की उम्मीदें भी जताता है। निवेशकों को मैनेजमेंट की ओर से मार्जिन दबाव और बढ़ते रेगुलेटरी खर्चों के बीच बैंक की मजबूत एसेट क्वालिटी को बनाए रखने की रणनीति पर नजर रखनी होगी।
