मार्जिन पर दबाव और डिपॉजिट ग्रोथ की चिंताएं
Canara Bank के हालिया वित्तीय नतीजों पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अपनी एनालिसिस पेश की है। फर्म ने बैंक पर 'HOLD' रेटिंग बनाए रखी है और ₹160 का टारगेट प्राइस (Target Price) दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) इस तिमाही में घटकर 2.45% पर आ गया है, जो कि पब्लिक सेक्टर के दूसरे बैंकों के औसत 2.7% से 3.1% की तुलना में काफी कम है।
एसेट क्वालिटी सुधरी, पर डिपॉजिट ग्रोथ पर सवाल
हालांकि, Canara Bank ने अपनी एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को मजबूत बनाए रखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) घटकर 2.08% पर आ गए हैं (पिछले साल 3.34% थे) और नेट एनपीए (Net NPAs) भी 0.45% पर हैं। लेकिन, डिपॉजिट जुटाने में आ रही सुस्ती बैंक के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 12% से 13% तक के लोन ग्रोथ का अनुमान दिया है, लेकिन यह लक्ष्य पूरा करने के लिए डिपॉजिट जुटाना बेहद जरूरी होगा। बैंक का लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो (LDR) 77% के स्तर पर है।
ब्रोकरेज का नजरिया और वैल्यूएशन
इस प्रदर्शन के चलते, ब्रोकरेज फर्म ने बैंक के रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) पर असर पड़ने की बात कही है। जनवरी 2026 के अंत तक Canara Bank का स्टॉक लगभग ₹146-₹150 के दायरे में कारोबार कर रहा था। 31 जनवरी 2026 तक के टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) ने स्टॉक के लिए 'Strong Sell' का संकेत दिया था।
जनवरी 2026 तक, बैंक का वैल्यूएशन (Valuation) FY28 के अनुमानित बुक वैल्यू (Book Value) का लगभग 1.0x था, और पिछले 12 महीनों का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 8.27x था। जनवरी 2026 में बैंक की मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹1.27 ट्रिलियन थी।
बैंकिंग सेक्टर की बड़ी चुनौतियां
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पूरा भारतीय बैंकिंग सेक्टर ही डिपॉजिट जुटाने की चुनौतियों का सामना कर रहा है। लोन की ग्रोथ डिपॉजिट ग्रोथ से लगातार आगे बनी हुई है, जिससे क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेश्यो बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि FY26 के दूसरे हाफ तक मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है, और FY27 में ही धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।
आगे की राह
Canara Bank ने लंबे समय में सेंसेक्स (Sensex) से बेहतर रिटर्न दिया है, लेकिन हालिया प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा है। MarketsMOJO ने भी मार्जिन दबाव को देखते हुए 'Hold' रेटिंग दी थी। बैंक को उम्मीद है कि एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) ट्रांजिशन का असर ₹100 बिलियन के आसपास होगा, जो 4 साल में फैलेगा और मौजूदा प्रोविजन पर ज्यादा असर नहीं डालेगा।
Prabhudas Lilladher की ₹160 के टारगेट प्राइस वाली 'HOLD' रेटिंग, FY28 ABV के 1.1x मल्टीपल पर आधारित है। निवेशकों को अब आगे NIM के ट्रेंड्स और बैंक की डिपॉजिट जुटाने की रणनीति पर बारीकी से नजर रखनी होगी।