ICRA का Canara Bank पर बड़ा भरोसा
रेटिंग एजेंसी ICRA ने Canara Bank की वित्तीय सेहत पर एक बार फिर मुहर लगा दी है। एजेंसी ने बैंक के Basel III टियर I और टियर II बॉन्ड्स के लिए अपनी क्रेडिट रेटिंग्स को 'Stable' आउटलुक के साथ बरकरार रखा है। यह कन्फर्मेशन बैंक की मजबूत कैपिटल पोजीशन और फंडामेंटल स्ट्रेंथ को रेखांकित करता है।
बॉन्ड्स और CD लिमिट में वृद्धि
ICRA ने Basel III टियर I बॉन्ड्स के लिए ₹11,000 करोड़ की रेटिंग को [ICRA]AA+(Stable) पर कन्फर्म किया है। वहीं, Basel III टियर II बॉन्ड्स को ₹11,500 करोड़ के लिए [ICRA]AAA(Stable) की रेटिंग दी गई है। इन सभी इंस्ट्रूमेंट्स के लिए कुल रेटेड अमाउंट अब ₹42,500 करोड़ पर पहुँच गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Canara Bank के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CDs) की रेटिंग को ₹20,000 करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो पिछली ₹10,000 करोड़ की लिमिट से दोगुना है। इन CDs को [ICRA]A1+ की मजबूत रेटिंग मिली है।
यह रेटिंग क्यों मायने रखती है?
ये कन्फर्मेशन और अपग्रेड Canara Bank के डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए कम जोखिम का संकेत देते हैं। 'Stable' आउटलुक का मतलब है कि ICRA को बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में स्थिरता की उम्मीद है। इससे बैंक को भविष्य में फंड जुटाने के लिए बेहतर ब्याज दरें मिलने की संभावना है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है।
बैंक की मजबूत नींव
Canara Bank, जो कि बेंगलुरु स्थित एक प्रमुख पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) है, की एडवांस और डिपॉजिट दोनों सेगमेंट में एक मजबूत पकड़ है। बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 16.50% से ऊपर और कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET I) रेश्यो 12.37% से ऊपर बना हुआ है, जो रेगुलेटरी न्यूनतम से काफी अधिक है। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी लगातार सुधार देखा गया है, जिसमें ग्रॉस NPA घटकर 2.08% पर आ गया है (दिसंबर 2025 तक)। भारत सरकार का समर्थन भी बैंक की प्रणालीगत महत्व को बढ़ाता है।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण है?
निवेशकों को Canara Bank की एसेट क्वालिटी, ग्रॉस NPA और नेट NPA रेश्यो पर लगातार नज़र रखनी चाहिए। इसके अलावा, बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी, जैसे रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs), के साथ-साथ कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा।