Can Fin Homes ने FY27 की पहली तिमाही में पिछले साल की तुलना में **20%** अधिक मुनाफा कमाकर **₹2.7 अरब** का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने उम्मीद से ज्यादा लोन प्रीपेमेंट के बावजूद **14%** लोन ग्रोथ का लक्ष्य बनाए रखा है। निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते खर्चों और मार्जिन पर पड़ने वाले असर पर है।
Detailed Coverage
Can Fin Homes ने पहली तिमाही में किया दमदार प्रदर्शन
हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) लगभग ₹2.7 अरब रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 20% की बढ़ोतरी है। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो लोन से अर्जित ब्याज और जमा पर दिए गए ब्याज का अंतर है, 18% बढ़कर ₹4.3 अरब हो गई।
बढ़ते खर्चे और कमाई का अनुपात
मुनाफे में तो बढ़ोतरी हुई, लेकिन कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस (ऑपरेटिंग खर्चे) पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़कर ₹853 मिलियन हो गए। इस बढ़ी हुई लागत के कारण कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 19.5% पर पहुंच गया। यह रेशियो दिखाता है कि कंपनी को हर एक रुपया कमाने के लिए कितना खर्च करना पड़ता है, और ऊँचा रेशियो दक्षता पर दबाव का संकेत दे सकता है। इसके अलावा, फी और अन्य आय घटकर ₹93 मिलियन रह गई, जो पिछले तिमाही के ₹187 मिलियन से कम है।
पोर्टफोलियो में कमी के बीच ग्रोथ की रणनीति
बढ़त के बावजूद, कंपनी पोर्टफोलियो एट्रीशन (Portfolio Attrition) यानी लोन प्रीपेमेंट के कारण ग्राहकों द्वारा लोन जल्दी चुकाने की समस्या से जूझ रही है। इस वजह से कंपनी को अपनी एसेट्स को बनाए रखने के लिए लगातार नए लोन जारी करने पड़ते हैं। हालांकि, मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ का 14% का लक्ष्य बरकरार रखा है। कंपनी का कहना है कि सभी क्षेत्रों में हाउसिंग की मांग स्थिर है और वे प्रीपेमेंट के प्रभाव को कम करने के लिए लोन वितरण बढ़ा सकते हैं।
सेक्टर और वैल्यूएशन पर एक नजर
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां इस समय एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम कर रही हैं, जहाँ फंड की लागत का प्रबंधन करना और लोन मार्जिन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर ₹940 के टारगेट प्राइस के साथ न्यूट्रल (Neutral) राय बनाए रखी है। यह लक्ष्य FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-बुक वैल्यू के 1.6 गुना के वैल्यूएशन पर आधारित है। उनके अनुमान के मुताबिक, FY26 से FY28 के बीच एडवांसेज (Advances) में 14% और प्रॉफिट में 7% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकती है। FY28 तक 2.3% के रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) और 17% के रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) जैसे अपेक्षित रिटर्न रेश्यो कंपनी की पूंजी दक्षता के महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी की ऑपरेटिंग लागतों को नियंत्रित करने और मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। 14% ग्रोथ लक्ष्य को पूरा करने के लिए लोन प्रीपेमेंट की गति और नए, अच्छी गुणवत्ता वाले उधारकर्ताओं को आकर्षित करने में कंपनी की सफलता महत्वपूर्ण होगी। मॉर्टगेज मार्केट में ब्याज दरों के रुझान में कोई भी महत्वपूर्ण बदलाव या प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण का दबाव भी कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
