कोर्ट का बड़ा फैसला, Can Fin Homes पर शिकंजा
Telangana High Court ने Can Fin Homes Ltd. के खिलाफ भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के आरोपों की जांच का आदेश सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) को सौंपा है। यह मामला एक व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) द्वारा कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन (Senior Management) पर लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। इस आदेश से Can Fin Homes, जो केनरा बैंक (Canara Bank) की सब्सिडियरी है, में कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
व्हिसलब्लोअर ने लगाए ये गंभीर आरोप
आरोप लगाने वाले असिस्टेंट जनरल मैनेजर मनोज के. बादल ने कोर्ट में दावा किया है कि उनसे अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करने, भर्ती परीक्षा के अंकों में हेरफेर करने और योग्य आवेदकों को दरकिनार करने के लिए दबाव डाला गया था। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए इन्हें सिर्फ़ एक रोज़गार विवाद (Employment Dispute) मानने से इनकार कर दिया। यह भी आरोप है कि अक्टूबर 2024 में शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें हैदराबाद में ट्रांसफर कर दिया गया, जो प्रतिशोध (Retaliation) के तौर पर की गई कार्रवाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से की गई अपीलों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
कंपनी का बैकग्राउंड और शेयर की स्थिति
15 अप्रैल, 2026 तक, Can Fin Homes का शेयर लगभग ₹857.15 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर ने निवेशकों को +44.95% का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 11.5x है, जो सेक्टर के औसत 13.25x से थोड़ा कम है। आवास वित्त क्षेत्र (Housing Finance Sector) देश में तेजी से बढ़ रहा है, और FY24-FY25 के लिए 29-30% की सालाना ग्रोथ का अनुमान है। Can Fin Homes का मार्केट कैप करीब ₹11,400 करोड़ है।
पिछले विवाद और गवर्नेंस पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब Can Fin Homes जांच के घेरे में आई है। कंपनी 2022 में 37 खातों और ₹3.9 करोड़ के एक धोखाधड़ी मामले में और 2023 में ₹38.53 करोड़ के गबन के आरोपों का सामना कर चुकी है। इन पुराने मामलों और मौजूदा भर्ती गड़बड़ी के आरोपों ने कंपनी के आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या हो सकता है?
CVC की जांच Can Fin Homes की भर्ती प्रक्रियाओं और प्रबंधन के आचरण की बारीकी से पड़ताल करेगी। इस जांच के नतीजों के आधार पर अतिरिक्त नियामक कार्रवाई (Regulatory Actions) या कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) में बड़े बदलावों की ज़रूरत पड़ सकती है। ऐसे मुद्दों से कंपनी की साख (Reputation) और निवेशकों का भरोसा (Investor Trust) प्रभावित हो सकता है।