CSB Bank अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रहा है। बैंक अब गोल्ड लोन पर निर्भरता कम कर SME और रिटेल लेंडिंग पर जोर दे रहा है, क्योंकि प्रमोटर Fairfax के सामने नियामक चुनौतियां हैं। निवेशकों की नजर अब बैंक के गोल्ड लोन एक्सपोजर को **30%** तक लाने और **19.4%** के CASA रेशियो को सुधारने की योजना पर टिकी है।
गोल्ड लोन पर निर्भरता घटाने की तैयारी
CSB Bank के लिए पिछला 5 साल का सफर शेयर प्रदर्शन के लिहाज से सुस्त रहा है। इसका बड़ा कारण बैंक का हाई-कॉस्ट फंडिंग पर निर्भर होना है। अब बैंक अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह बदलने की राह पर है। वर्तमान में बैंक के कुल एडवांस में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 54% है, जिसे मैनेजमेंट 2030 तक घटाकर 30% करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस खाली जगह को बैंक SME और रिटेल लोन के जरिए भरने की योजना बना रहा है।
CASA रेशियो और मार्जिन पर दबाव
बैंक की सबसे बड़ी चिंता इसका लो-कॉस्ट डिपॉजिट बेस है। CASA रेशियो गिरकर 19.4% पर आ गया है, जिसके चलते बैंक को महंगे होलसेल डिपॉजिट्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वर्तमान में ये महंगे डिपॉजिट्स कुल फंडिंग का 42% हिस्सा हैं। इसकी वजह से बैंक की फंडिंग लागत 6.55% तक पहुंच गई है, जिसका सीधा असर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ा है। पिछले तिमाही में NIM 17 बेसिस पॉइंट्स घटकर 3.66% पर आ गया है।
प्रमोटर Fairfax और नियामक पेच
प्रमोटर Fairfax द्वारा IDBI Bank के अधिग्रहण के बाद, रेगुलेटरी नियमों के तहत उन्हें CSB Bank में अपनी 40% हिस्सेदारी को लेकर कोई बड़ा फैसला लेना होगा। बाजार में इस बात की चर्चा है कि या तो बैंक का विलय हो सकता है या फिर हिस्सेदारी की बिक्री। फिलहाल यह स्टॉक अपने 2028 के अनुमानित बुक वैल्यू के 0.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे संभावित खरीदारों के लिए एक आकर्षक बैंकिंग लाइसेंस का मौका बनाता है।
आगे की राह के लिए मैनेजमेंट ने एसेट्स पर 1.3% से 1.5% का रिटर्न देने का गाइडेंस दिया है। निवेशकों के लिए अब बैंक के हर तिमाही के आंकड़ों, खासकर CASA रेशियो और गोल्ड लोन कम करने की गति को ट्रैक करना जरूरी होगा।
