टैक्स डिमांड पर CRISIL की सफाई, पर प्रॉफिट में उछाल
CRISIL Limited ने इनकम टैक्स अथॉरिटी से मिले ₹121.20 करोड़ के टैक्स डिमांड को चुनौती दी है। यह डिमांड फाइनेंशियल ईयर 2016-17 (Assessment Year 2017-18) के लिए है। कंपनी का कहना है कि टैक्स अधिकारियों ने गलतियाँ की हैं, खासकर कैलकुलेशन में।
CRISIL ने स्पष्ट किया है कि टैक्स अधिकारी ने यह माना है कि कोई भी इनकम छुपाई नहीं गई है, यानी सभी कमाई का हिसाब दिया गया था। लेकिन, इसके बावजूद, कंपनी के अनुसार, अमान्य एडजस्टमेंट्स को शामिल किया गया और पहले से भरे गए टैक्स का क्रेडिट नहीं दिया गया, जिससे यह भारी-भरकम डिमांड निकली है।
इस स्थिति से निपटने के लिए CRISIL एक रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (Rectification Application) दाखिल करने और मामले की अपील करने की योजना बना रहा है। कंपनी का मानना है कि इस टैक्स डिमांड का कंपनी के फाइनेंस या ऑपरेशंस पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
यह टैक्स विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब CRISIL ने अपने तिमाही नतीजों में शानदार ग्रोथ दिखाई है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 7.5% बढ़कर ₹242 करोड़ हो गया।
हालांकि, इन अच्छे नतीजों के बावजूद, CRISIL के शेयर 24 मार्च 2026 को ₹3,968.00 पर बंद हुए, जो दिन के मुकाबले 0.79% की गिरावट दिखाता है। कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) रेशियो फिलहाल 38.13 के आसपास है। इसकी तुलना में, इसके प्रतिस्पर्धी ICRA Limited का P/E 27.12 और CARE Ratings Limited का P/E लगभग 25.90 है। CRISIL का मार्केट कैप मार्च 2026 में ₹29,251.28 करोड़ था, जो ICRA के ₹4,981 करोड़ और CARE Ratings के ₹4,672 करोड़ से काफी ज्यादा है। इससे पता चलता है कि CRISIL क्रेडिट रेटिंग सेक्टर में एक प्रीमियम वैल्यूएशन एंजॉय करता है।
एनालिस्ट्स (Analysts) CRISIL को लेकर आम तौर पर सकारात्मक राय रखते हैं, जिनकी 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग है और 12 महीने के टारगेट प्राइस ₹4,600 से ₹4,904 के बीच हैं। भारतीय फाइनेंसियल सर्विसेज सेक्टर नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के लिए तैयार हो रहा है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। CRISIL पहले भी GST पेनल्टी जैसी टैक्स स्क्रूटनी का सामना कर चुका है, जैसे FY 2020-21 के लिए ₹7.95 करोड़ और FY 2018-19 के लिए ₹40.72 लाख की पेनल्टी, जिन्हें भी कंपनी ने अपील करने की बात कही थी।
हालांकि CRISIL प्रक्रियात्मक गलतियों पर जोर दे रहा है, टैक्स री-असेसमेंट (Tax Re-assessment) लंबी कानूनी लड़ाइयों का कारण बन सकते हैं, जो मैनेजमेंट का ध्यान और संसाधन दोनों खींच सकती हैं। ₹121.20 करोड़ की यह टैक्स डिमांड, भले ही अभी कोई बड़ा वित्तीय बोझ न हो, अगर अंततः मान्य हो जाती है तो कैश रिजर्व को प्रभावित कर सकती है। शेयर में हालिया गिरावट मार्च 2026 में ₹3,950.00 के 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब पहुंच गई थी, जो बाजार की चिंताओं को केवल टैक्स ऑर्डर से परे, सेक्टर की चुनौतियों या वैल्यूएशन एडजस्टमेंट की ओर भी इशारा करता है।
CRISIL Limited का मैनेजमेंट आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद कर रहा है। हालिया नतीजों में 7.5% का प्रॉफिट ग्रोथ इसी का संकेत है। एनालिस्ट्स के अगले 12 महीनों के लिए ₹4,600 से ₹5,208 तक के टारगेट प्राइस, स्टॉक में आगे और मजबूती की उम्मीद जगाते हैं। कंपनी का इस टैक्स विवाद को सुलझाने का तरीका, चाहे वह रेक्टिफिकेशन हो या अपील, उसके पिछले GST मामलों के अनुभव से मेल खाता है। निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए इस dispute का समाधान या कंपनी की लगातार मजबूती अहम होगी।