HDFC Bank, ICICI Bank Shares: विदेशी ब्रोकरेज CLSA का बड़ा दांव! ₹1700 तक जा सकते हैं शेयर, जानें वजह

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
HDFC Bank, ICICI Bank Shares: विदेशी ब्रोकरेज CLSA का बड़ा दांव! ₹1700 तक जा सकते हैं शेयर, जानें वजह
Overview

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने HDFC Bank और ICICI Bank को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है, साथ ही इन बैंकों के लिए ऊंचे टारगेट प्राइस तय किए हैं। CLSA का मानना है कि ये शेयर भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, यह उम्मीद इन बैंकों के मौजूदा प्रदर्शन से मेल नहीं खाती, क्योंकि दोनों बैंकों के शेयर इस साल 5% से 15% तक गिर चुके हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

CLSA का HDFC Bank, ICICI Bank पर भरोसा

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने HDFC Bank और ICICI Bank पर कवरेज शुरू करते हुए इन पर 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) रेटिंग दी है। फर्म का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में ये बैंक काफी अच्छे रिटर्न दे सकते हैं। CLSA ने HDFC Bank के लिए ₹1,200 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तर से 41% की तेजी का संकेत देता है। वहीं, ICICI Bank के लिए ₹1,700 का टारगेट है, जो 29% के उछाल का अनुमान लगाता है। CLSA का मानना है कि अगले एक साल में ये दोनों बैंक 25% से अधिक रिटर्न दे सकते हैं।

शेयर बाजार की हकीकत और ब्रोकरेज की उम्मीदें

CLSA की यह सकारात्मक राय बैंकों के हालिया प्रदर्शन के बिल्कुल विपरीत है। इस साल HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर 5% से 15% तक गिर चुके हैं। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को, HDFC Bank 0.99% चढ़कर ₹849.10 पर बंद हुआ, जिसमें करीब 1.37 करोड़ शेयर ट्रेड हुए। ICICI Bank 2.69% की बढ़त के साथ ₹1,312.80 पर बंद हुआ, जिसमें 34.7 लाख से ज्यादा शेयर बदले। इन उछालों के बावजूद, HDFC Bank अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है और प्रमुख टेक्निकल एवरेज (Technical Averages) से नीचे है। ICICI Bank की मोमेंटम (Momentum) भी वीकली और मंथली चार्ट पर कमजोर रही है।

CLSA क्यों है बुलिश? ग्रोथ और वैल्यूएशन के फैक्टर

CLSA का अनुमान है कि HDFC Bank का पीपीओपी (PPOP - Provisions से पहले का कोर प्रॉफिट) वित्त वर्ष 2026 से 2028 तक औसतन 18% सालाना की दर से बढ़ेगा, जो पहले के 12% से ज्यादा है। फर्म का यह भी मानना है कि निवेशक अब लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (Loan-to-Deposit Ratio) पर ध्यान देना बंद कर देंगे, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब जोर नहीं दे रहा है। HDFC Bank अपनी बुक वैल्यू (Book Value) के करीब 1.8 गुना पर ट्रेड कर रहा है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो अलग-अलग अवधियों के हिसाब से 16.88x से 35.59x तक रहा है।

ICICI Bank के लिए, CLSA को उम्मीद है कि रिटेल लोन ग्रोथ (Retail Loan Growth) मौजूदा 7% सालाना की रफ्तार से तेज होगी, जिससे कुल लेंडिंग (Lending) को बढ़ावा मिलेगा। बैंक के लगातार कम बैड लोन (Bad Loan) यानी नेट स्लिपेज (Net Slippage) को नजरअंदाज किया गया है और इससे उम्मीद से कम क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) हो सकती है। ICICI Bank अपनी बुक वैल्यू के करीब दो गुना पर ट्रेड कर रहा है, जिसका P/E रेशियो आमतौर पर 17x से 19x के बीच रहता है। ज्यादातर एनालिस्ट (Analysts) ICICI Bank को लेकर बहुत पॉजिटिव हैं, 50 में से 48 'बाय' (Buy) की सलाह दे रहे हैं। हालिया कमेंट्स में संदीप बख्शी के बढ़े हुए कार्यकाल और स्थिर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) के साथ स्थिरता भी देखी गई है।

पूरे भारतीय बैंकिंग सेक्टर से वित्त वर्ष 2027 में 10-15% की क्रेडिट ग्रोथ (Credit Growth) की उम्मीद है, जो आर्थिक मजबूती से समर्थित है। बैंक 2026 की शुरुआत अच्छी स्थिति में कर रहे हैं, जिसमें पहली तिमाही वित्त वर्ष 26 में ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) घटकर 2.2% हो गया था। हालांकि, जनवरी 2026 से डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) के नए नियम और ग्लोबल कैपिटल स्टैंडर्ड (Global Capital Standards) लागू होने वाले हैं।

आगे की चुनौतियां: वैल्यूएशन, टेक्निकल और नियम

हालांकि, चुनौतियां अभी बाकी हैं। HDFC Bank का P/E रेशियो, जो 35.59x तक पहुंच सकता है, साथियों और इंडस्ट्री के औसत 11-12x की तुलना में बहुत ज्यादा लगता है। ICICI Bank का P/E रेशियो अधिक उचित है, लेकिन फिर भी यह औसत से ऊपर है। HDFC Bank के लिए टेक्निकल संकेत कमजोरी दिखा रहे हैं, शेयर प्रमुख एवरेज से नीचे और 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब है। ICICI Bank की टेक्निकल मोमेंटम भी कमजोर है। इसके अतिरिक्त, 2026 की शुरुआत में लागू होने वाले नए नियम, जैसे सख्त डिजिटल बैंकिंग नियम और ग्रुप रिस्ट्रिक्शन (Group Restrictions), कंप्लायंस हर्डल्स (Compliance Hurdles) पैदा कर सकते हैं। डिपॉजिट (Deposit) जुटाने और रिटेल लेंडिंग में प्रतिस्पर्धा भी कड़ी है, जो मुनाफे को कम कर सकती है।

एनालिस्ट का नजरिया अभी भी सकारात्मक

ज्यादातर एनालिस्ट HDFC Bank और ICICI Bank को लेकर उत्साहित हैं। CLSA के टारगेट प्राइस अपेक्षित प्रॉफिट और लोन ग्रोथ से होने वाले बड़े लाभ की ओर इशारा करते हैं। तेज प्रॉफिट ग्रोथ HDFC Bank के लिए एक मुख्य ड्राइवर है, जबकि ICICI Bank को अपने मजबूत रिटेल लेंडिंग आउटलुक और अच्छी एसेट क्वालिटी (Asset Quality) से फायदा होता है। समग्र बैंकिंग सेक्टर के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है, जिसमें क्रेडिट ग्रोथ की संभावना है। हालांकि, निवेशकों को यह देखना होगा कि नए नियम और प्रतिस्पर्धा इन बड़े बैंकों को कैसे प्रभावित करते हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.