CG Power and Industrial Solutions ने अपने सेमीकंडक्टर पैकेजिंग बिजनेस से अगले चार वर्षों में **$500 मिलियन** सालाना रेवेन्यू जुटाने की बड़ी योजना बनाई है। कंपनी का ट्रेडिशनल पावर इक्विपमेंट बिजनेस पहले से ही **₹15,700 करोड़** से अधिक के ऑर्डर बुक के साथ मजबूत बना हुआ है।
CG Power and Industrial Solutions अब अपने पारंपरिक पावर और इंडस्ट्रियल कारोबार से आगे बढ़कर हाई-टेक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग (OSAT) सेक्टर में बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले चार वर्षों में एडवांस्ड पैकेजिंग बिजनेस से $500 मिलियन का सालाना रेवेन्यू हासिल करना है।\n\n### G1 और G2 फैसिलिटी का गणित\nगुजरात के साणंद में स्थित कंपनी की G1 पैकेजिंग फैसिलिटी ने जुलाई 2026 से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। इस प्लांट की पीक कैपेसिटी 30 करोड़ यूनिट्स सालाना है। इस बड़े टारगेट को हासिल करने के लिए कंपनी अब एक और बड़ी 'G2 फैसिलिटी' पर काम कर रही है, जो भविष्य के ग्रोथ के लिए अहम है। मैनेजमेंट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड का सीधा फायदा कंपनी को मिल सकता है।\n\n### मजबूत ऑर्डर बुक का सहारा\nसेमीकंडक्टर के नए दांव के बीच, कंपनी का पुराना कारोबार भी मजबूती से दौड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 21% बढ़ा है। ₹15,719 करोड़ की अनएग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक कंपनी के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है, क्योंकि पावर ट्रांसफॉर्मर और इलेक्ट्रिक मोटर्स की डिमांड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगातार बनी हुई है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी और जोखिम\nनिवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर नजर रखनी चाहिए:\n\n1. मार्केट रिस्क: सेमीकंडक्टर बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव है। शुरुआती लागत (startup costs) अधिक होने से निकट भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है।\n2. साइबर सुरक्षा: अगस्त 2026 में कंपनी ने एक साइबर सुरक्षा घटना का सामना किया था, हालांकि कंपनी ने कहा है कि मुख्य ऑपरेशन्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।\n3. कॉर्पोरेट गवर्नेंस: अगस्त 2026 में कंपनी के स्टेट्युटरी ऑडिटर, S.R. Batliboi & Associates LLP ने इस्तीफा दे दिया है। ऑडिटिंग फर्म का बदलना निवेशकों के लिए हमेशा एक 'वॉचलिस्ट' का विषय होता है, ताकि फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी पर कोई सवाल न उठे।
