CBI की ताबड़तोड़ कार्रवाई
CBI ने चंडीगढ़ और पंचकूला में कुल सात जगहों पर तलाशी ली है। यह कार्रवाई हरियाणा में चल रहे एक बड़े बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) की जांच का हिस्सा है। आरोप है कि सरकारी फंड को गलत तरीके से इधर-उधर किया गया है, जिसमें सरकारी अफसरों और कुछ बैंकों के अधिकारियों की मिलीभगत थी।
किन बैंकों पर लगे आरोप?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के कुछ अधिकारी सरकारी महकमे के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर सरकारी खजाने से पैसे निकाले और उसका गलत इस्तेमाल किया।
क्या-क्या मिला? सबूत और गिरफ्तारियां
CBI की टीम ने 14 मई को कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें लोगों के घर, दफ्तर और यहां तक कि ज्वैलर्स की दुकानें भी शामिल थीं। छापेमारी के दौरान, CBI को कई अहम दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो इस घोटाले से जुड़े हैं। इस मामले में CBI ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच तेज कर दी है।
मामले की जड़ें और पिछला इतिहास
यह जांच असल में हरियाणा सरकार ने CBI को सौंपी थी। CBI इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) भी IDFC First Bank के दो पूर्व कर्मचारियों को एक अलग मामले में गिरफ्तार कर चुका है, जिसमें ₹645 करोड़ की हेराफेरी का आरोप था।