CBI ने अब भंग हो चुकी कंपनी Hanjer Biotech (Erith) Ltd पर India Exim Bank के साथ **$1 करोड़** (करीब **₹63 करोड़**) की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
सरकारी जांच एजेंसी CBI ने India Exim Bank के साथ हुई $1 करोड़ की लोन धोखाधड़ी के मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला UK स्थित Hanjer Biotech (Erith) Ltd से जुड़ा है, जो अब एक भंग (dissolved) हो चुकी कंपनी है। CBI ने कंपनी के पूर्व निदेशकों और इससे जुड़ी भारतीय फर्मों, जैसे Navi Infrastructure Engineering Pvt Ltd और Hume Synthesis Pvt Ltd के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
फंड डायवर्जन का खेल
यह विवाद 2012 में स्वीकृत एक टर्म लोन से शुरू हुआ था, जिसे यूके में एक रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट के लिए लिया गया था। FIR के मुताबिक, प्रोजेक्ट की कुल लागत $1.59 करोड़ थी। आरोप है कि बैंक से मिली मोटी रकम का इस्तेमाल मशीनों की खरीद के लिए नहीं किया गया। इसके बजाय, यह पैसा Hume Synthesis Pvt Ltd जैसी संबंधित कंपनियों को लोन के तौर पर डायवर्ट कर दिया गया। साल 2014 में यह लोन अकाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन गया और बाद में इसे आरबीआई (RBI) के नियमों के तहत 'फ्रॉड' घोषित कर दिया गया।
रिकवरी की राह में बड़ी बाधा
बैंकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मुख्य कर्जदार Hanjer Biotech (Erith) Ltd अब अस्तित्व में ही नहीं है। इस कारण बैंक को हुए करीब ₹63 करोड़ के नुकसान की भरपाई करना काफी मुश्किल हो गया है। कानूनी पेचीदगियों के कारण एसेट ट्रेसिंग और रिकवरी की प्रक्रिया ठप पड़ गई है।
CBI का शिकंजा और अन्य मामले
Hanjer ग्रुप की मुश्किलें केवल यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। CBI मुंबई स्थित Hanjer Biotech Energies Pvt Ltd की भी जांच कर रही है, जिस पर Punjab National Bank (PNB) के साथ ₹93.44 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में इस मामले से जुड़ी जगहों पर छापेमारी भी की गई थी। इन मामलों ने बैंकिंग सेक्टर में प्रोजेक्ट लोन की कड़ी मॉनिटरिंग और विदेशी कंपनियों को कर्ज देने के जोखिम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
