Reliance Communications: CBI का बड़ा एक्शन, ₹3,750 करोड़ के फ्रॉड केस में चार्जशीट दाखिल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Reliance Communications: CBI का बड़ा एक्शन, ₹3,750 करोड़ के फ्रॉड केस में चार्जशीट दाखिल

CBI ने Reliance Communications और LIC के पूर्व निवेश प्रमुख के खिलाफ साल 2012 के ₹3,750 करोड़ के कथित फ्रॉड मामले में चार्जशीट दायर की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने LIC को गुमराह करके फंड जुटाया और उसे ग्रुप की अन्य कंपनियों में डायवर्ट किया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Reliance Communications Ltd. (RCom), Reliance ADA Group के पूर्व अधिकारियों और LIC के पूर्व निवेश प्रमुख के खिलाफ औपचारिक चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला साल 2012 के ₹3,750 करोड़ के कथित वित्तीय फ्रॉड से जुड़ा है, जो ग्रुप की पुरानी गतिविधियों की जांच में एक बड़ा मोड़ है।

क्या है पूरा मामला?

जांच का मुख्य केंद्र LIC द्वारा Reliance Communications के Non-Convertible Debentures (NCDs) में किया गया ₹1,500 करोड़ का निवेश है। आरोप है कि कंपनी ने गलत वित्तीय आंकड़े पेश करके यह निवेश हासिल किया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया, बल्कि उसे Reliance ADA Group की अन्य कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया, जिससे सरकारी बीमा कंपनी LIC को भारी नुकसान हुआ।

ऑडिट से खुला राज

यह कार्रवाई LIC द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है, जिसे साल 2020 में BDO India LLP द्वारा किए गए फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर आगे बढ़ाया गया। CBI ने 1 अप्रैल, 2026 को यह केस दर्ज किया था।

चार्जशीट में ये नाम शामिल

चार्जशीट में Reliance ADA Group के पूर्व एमडी अमिताभ झुनझुनवाला, पूर्व सीनियर वीपी विश्वास जोशी और LIC के पूर्व सीआईओ पी. वेणुगोपाल को आरोपी बनाया गया है। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

निवेशकों के लिए संकेत

यह मामला Reliance Home Finance और Reliance Commercial Finance जैसी अन्य कंपनियों की जांच का भी हिस्सा है। फिलहाल मामला मुंबई की विशेष अदालत में है, जहां अब यह देखा जाएगा कि जांच का दायरा कितना और बढ़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.