CAG की सख्त चेतावनी: IPPB की UPI सर्विस मेंBIG गड़बड़ी, वित्तीय समावेशन पर मंडराया खतरा

BANKINGFINANCE
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AuthorMehul Desai|Published at:
CAG की सख्त चेतावनी: IPPB की UPI सर्विस मेंBIG गड़बड़ी, वित्तीय समावेशन पर मंडराया खतरा
Overview

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक हालिया रिपोर्ट ने India Post Payments Bank (IPPB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सेवाओं में तकनीकी दिक्कतें और सेवा ठप रहने (Downtime) की दरें नियामक सीमाओं से काफी ऊपर हैं, जो बैंक के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) के लक्ष्य को खतरे में डाल सकती हैं।

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UPI ट्रांजेक्शन में भारी गिरावट और सेवा ठप

CAG की जांच में पाया गया है कि IPPB की UPI सेवाओं की विश्वसनीयता काफी कम है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में, बैंक की तकनीकी खराबी (Technical Decline Rate) की दर 3.29% थी, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में बढ़कर 7.82% हो गई। ये आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित 1% से कम की सीमा को बहुत पीछे छोड़ देते हैं।

इतना ही नहीं, अकेले वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही IPPB की UPI सेवाएं लगभग 362 घंटे बंद रहीं। इसकी तुलना में, प्रतिस्पर्धी जैसे Fino Payments Bank ( 19 घंटे डाउनटाइम), Airtel Payments Bank ( 52 घंटे), और Paytm Payments Bank ने इसी अवधि में कोई डाउनटाइम रिपोर्ट नहीं किया। इतनी बार-बार होने वाली तकनीकी दिक्कतें ग्राहकों का भरोसा कम करती हैं, जो आज के डिजिटल युग में बेहद जरूरी है।

खाता खोलने की प्रक्रिया में बड़ी चूक

CAG ऑडिट में IPPB द्वारा नए खाते खोलने की प्रक्रियाओं में भी गंभीर खामियां पाई गई हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ खाते ग्राहकों के मोबाइल नंबरों को वेरिफाई किए बिना ही खोल दिए गए। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए जहाँ एक ही मोबाइल नंबर से कई ग्राहक फाइलों (CIFs) को जोड़ा गया था। इस तरह की हरकतें डेटा की सत्यता और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं, और धोखाधड़ी की आशंकाओं को बढ़ाती हैं।

भरोसे, सुरक्षा और अनुपालन पर खतरा

ये परिचालन कमजोरियां IPPB की प्रतिष्ठा और उसके मुख्य उद्देश्यों के लिए गंभीर चुनौतियां पेश करती हैं। खाता वेरिफिकेशन और डेटा प्रबंधन में ये चूक RBI के ग्राहक पहचान (Customer Due Diligence) नियमों का सीधा उल्लंघन हैं और बैंक को प्रतिष्ठा की हानि और संभावित नियामक कार्रवाई के जोखिम में डाल सकती हैं।

IPPB ने पहले खुद ही ऐसे उपायों के खिलाफ चेतावनी जारी की थी, जिसमें एक मोबाइल नंबर से कई खातों को जोड़ने के बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के मामलों का जिक्र था। लगातार उच्च UPI ट्रांजेक्शन फेलियर दरें और सेवा ठप रहने की लंबी अवधि, IT सिस्टम प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गहरी समस्याओं का संकेत देती हैं। इस अविश्वसनीयता के कारण संभावित ग्राहक डिजिटल वित्तीय सेवाओं से कतरा सकते हैं, जिससे IPPB के वित्तीय समावेशन के प्रयासों को झटका लग सकता है।

सिफारिशें और मान्यता

CAG ने IPPB को सलाह दी है कि वह UPI ट्रांजेक्शन के निर्धारित बेंचमार्क को लगातार पूरा करने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और प्रभावी प्रतिक्रिया योजनाएं लागू करे। ऑडिटर ने IT इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ग्राहक विश्वास को फिर से बनाने के लिए व्यापक डेटा सफाई (Data Cleansing) और बेहतर खाता सत्यापन (Account Validation) की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इन चुनौतियों के बावजूद, IPPB को हाल ही में डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में योगदान के लिए 'डिजिटल पेमेंट्स अवार्ड 2024-25' से सम्मानित किया गया है, और इसे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए परफॉरमेंस इंडेक्स में पेमेंट्स बैंकों में पहला स्थान मिला है। ये उपलब्धियां IPPB की भूमिका के प्रति सरकार के निरंतर समर्थन को दर्शाती हैं, भले ही ऑडिट सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.