दमदार Q2 फाइनेंशियल रिजल्ट्स के दम पर ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। हालांकि, बाजार की नजरें अब 7 दिसंबर से लागू होने वाले SEBI के नए डेरिवेटिव्स सेटलमेंट नियमों पर टिकी हैं।
सेक्टर का दमदार प्रदर्शन
3 नवंबर, 2026 को भारतीय कैपिटल मार्केट की कंपनियों के शेयरों ने ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन तेजी दिखाई। यह रैली वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों का नतीजा है, जिसने साबित कर दिया कि नियामक बदलावों के बावजूद सेक्टर ने अपना मुनाफा बरकरार रखा है।
प्रमुख कंपनियों की रिपोर्ट (Earnings Scorecard)
ब्रोकरेज दिग्गजों ने इस तिमाही में अपनी वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार दिखाया है:
- Motilal Oswal Financial Services: कंपनी ने ₹718 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 29% अधिक है। कंपनी की 66% कमाई अब 'रिकरिंग रेवेन्यू' मॉडल से आ रही है, जो इसे ट्रेडिंग के उतार-चढ़ाव से बचाता है।
- Angel One: कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 58% उछलकर ₹335 करोड़ पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी का क्लाइंट फंडिंग बुक 40.5% बढ़कर ₹7,450 करोड़ पर पहुंच गया है, जो सक्रिय ट्रेडिंग का संकेत है।
SEBI के नए नियमों का साया
बाजार में फिलहाल उत्साह का माहौल है, लेकिन निवेशकों की नजरें SEBI के आगामी बदलावों पर हैं। एक्सपायरी के दिन होने वाली अस्थिरता को कम करने के लिए, 7 दिसंबर, 2026 से इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए सेटलमेंट प्राइस का कैलकुलेशन 30-मिनट के VWAP (वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस) के आधार पर होगा। साथ ही, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन अब 3:30 p.m. से 3:40 p.m. तक चलेगा।
अब चिंता इस बात की है कि क्या ये नियम लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर डालेंगे। अगर भविष्य में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होता है, तो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। निवेशकों के लिए अब यही देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये ब्रोकरेज कंपनियां खुद को नए नियमों के अनुसार कैसे ढालती हैं।
