निवेशकों के करोड़ों के नुकसान के बाद Borderless Investing मुश्किलों में है। Stockal प्लेटफॉर्म पर हुए अनधिकृत ट्रेडिंग के आरोपों पर FIR दर्ज की गई है, हालांकि कंपनी ने इसे सिस्टम हैक मानने से इनकार किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 15 अक्टूबर 2026 को Stockal प्लेटफॉर्म के 26 यूजर्स के अकाउंट के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया। इनमें से 13 अकाउंट्स में हैकर्स ने बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयर्स को बेचकर सारा पैसा Zhibao Technology जैसे माइक्रो-कैप शेयरों में लगा दिया। इस पूरी घटना के बाद निवेशकों की ओर से शिकायत दर्ज की गई, जिसमें नुकसान का आंकड़ा ₹100 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है।
FIR और कानूनी पेच
बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR में DriveWealth LLC, Stockal Securities, Borderless Softech और Borderless Investing को नामजद किया गया है। यह घटना क्रॉस-बॉर्डर इन्वेस्टमेंट के जटिल ढांचे को दिखाती है, जहां टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म से लेकर विदेशी ब्रोकर तक कई कड़ियां जुड़ी होती हैं।
कंपनी का बचाव और सुरक्षा के कदम
Borderless Investing ने अपने सिस्टम में किसी भी तरह की सेंध से साफ इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि यह 'सोशल इंजीनियरिंग' या फिशिंग अटैक हो सकता है, जहां यूजर्स के क्रेडेंशियल्स चोरी हुए। फिलहाल कंपनी ने साइबर सिक्योरिटी ऑडिट शुरू कर दिया है और अकाउंट सिक्योरिटी के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
HDFC Securities की सफाई
इस बीच HDFC Securities ने स्पष्ट किया है कि Stockal के साथ उनकी पार्टनरशिप जुलाई 2024 में ही खत्म हो चुकी है। ब्रोकरेज ने साफ कहा है कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे किसी भी FIR में आरोपी नहीं हैं।
निवेशकों के लिए सबक
यह घटना उन निवेशकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है जो विदेशी बाजारों में निवेश करते हैं। सुरक्षा के लिहाज से मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का उपयोग करना और अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स को सुरक्षित रखना अब अनिवार्य हो गया है।
