'AAA' रेटिंग और PSU रैली से बूस्ट!
Bank of Baroda (BoB) के शेयर NSE पर ₹323 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। इस जोरदार उछाल का मुख्य कारण पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) में जारी मजबूत तेजी और बैंक के ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स के लिए डोमेस्टिक एजेंसियों जैसे CareEdge Ratings और ICRA से मिली 'AAA' रेटिंग है। इन एजेंसियों ने BoB के मजबूत कैपिटलाइजेशन लेवल और भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करने वाले कैपिटल बफर्स की सराहना की है।
फंडामेंटल मजबूती के साथ चुनौतियां भी
पिछले कुछ सालों में Bank of Baroda ने अपनी एसेट क्वालिटी में काफी सुधार दिखाया है। बैंक के स्लिपेज (slippages) कम हुए हैं और क्रेडिट कॉस्ट (credit costs) में कमी आई है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी है। बैंक का ग्रॉस NPA (Non-Performing Asset) मॉडरेट हुआ है, और Q2 FY26 तक नेट NPA रेशियो सिर्फ 0.57% रहा। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) भी 17.19% पर मजबूत बना हुआ है।
हालांकि, इन सकारात्मक संकेतों के बीच कुछ चिंताएं भी पनप रही हैं। बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए अहम माने जाने वाले नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बढ़ा है। Q3 FY26 में NIM घटकर करीब 2.92% पर आ गया, जो डिपॉजिट रीप्राइजिंग में देरी और लोन सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण हुआ है। उम्मीद है कि Q1 FY27 से NIM में धीरे-धीरे सुधार आएगा।
ब्रोकरेज की राय और आगे का रास्ता
सेक्टर के बाकी PSU बैंकों की तरह BoB में भी मजबूत तेजी देखी गई है। ₹1.63 लाख करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, BoB एक प्रमुख खिलाड़ी है। कई ब्रोकरेज हाउसेज ने BoB पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹330-₹338 के आसपास है, जो मौजूदा रिकॉर्ड स्तरों से ज्यादा बड़ी तत्काल बढ़त के संकेत नहीं देता।
सामने हैं नई चुनौतियां: ECL का असर
इसके अलावा, Ind AS 109 के तहत एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) अकाउंटिंग फ्रेमवर्क में बैंक का आगामी ट्रांजिशन भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। इस नए नियम के तहत बैंकों को मौजूदा 'इनकर्ड लॉस' मॉडल की बजाय भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान के लिए प्रोविजनिंग करनी होगी। हालांकि RBI ने इसके लिए FY2030-31 तक का समय दिया है, लेकिन शुरुआती दौर में इसका असर इक्विटी और P&L पर पड़ सकता है। Bank of Baroda ने पहले से ही फ्लोटिंग प्रोविजनिंग के जरिए इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
भविष्य की ग्रोथ और मैनेजमेंट का नज़रिया
अपने सेक्टर में, BoB का P/E (प्राइस-टू-अर्निंग) रेशियो करीब 8.3-8.45 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 14.63 से काफी कम है। वहीं, पिछले 5 सालों में बैंक का मार्केट शेयर थोड़ा घटकर 12.12% से 9.94% पर आ गया है, और रेवेन्यू ग्रोथ भी इंडस्ट्री एवरेज से धीमी रही है।
इसके बावजूद, बैंक का मैनेजमेंट क्रेडिट ग्रोथ के लिए 11% से 13% की रेंज में एक आशावादी नज़रिया बनाए हुए है। बैंक का ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का रिटेल लोन पोर्टफोलियो ग्रोथ का एक मजबूत इंजन बना हुआ है। यह देखना अहम होगा कि बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को कैसे मैनेज करता है और आने वाले अकाउंटिंग बदलावों से कैसे निपटता है।