ब्लैकस्टोन चेयरमैन भारत में बड़े पूंजी निवेश और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रति बुलिश आउटलुक का संकेत देते हैं
ब्लैकस्टोन, दुनिया की सबसे बड़ी अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर, भारत में अपने ऑपरेशंस का महत्वपूर्ण विस्तार करने की तैयारी में है। चेयरमैन और सीईओ स्टीफन श्वार्ज़मैन ने इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट क्षेत्रों में पर्याप्त पूंजी की उपलब्धता पर प्रकाश डाला है। भारत पर यह रणनीतिक ध्यान, जिसे श्वार्ज़मैन एक 'उभरते हुए' (emerging) के बजाय 'उभर चुके' (emerged) बाजार मानते हैं, देश की मजबूत विकास गति और निवेशक-अनुकूल वातावरण से प्रेरित है [cite: Source A]। फर्म की इस क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता काफी बड़ी है, श्वार्ज़मैन ने कहा, "पैसा हमारी कमी नहीं है," और ब्लैकस्टोन पहले से ही भारत में सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेशक (foreign direct investor) है [cite: Source A]l
भारत में यह विस्तार, श्वार्ज़मैन के संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक प्रदर्शन पर मजबूत विश्वास की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए 5.4% से अधिक की अनुमानित विकास दर बताई है, जिसे निगमों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाने का परिणाम बताया गया है [cite: Source A]। यह AI क्रांति विशेष रूप से डेटा सेंटर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में अभूतपूर्व निवेश के अवसर पैदा कर रही है, जहां ब्लैकस्टोन की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। फर्म इन उपक्रमों से महत्वपूर्ण रिटर्न की उम्मीद करती है, विकसित पावर सेक्टर में कम जोखिम के साथ 20% रिटर्न का उल्लेख करती है [cite: Source A]। यह आशावाद फर्म के हालिया स्टॉक प्रदर्शन के विपरीत है, क्योंकि ब्लैकस्टोन इंक. (BX) के शेयर की कीमत पिछले एक साल में लगभग 15% गिर गई है, और 22 जनवरी, 2026 तक लगभग $156.00 पर कारोबार कर रही थी, जिसका मार्केट कैप लगभग $187.74 बिलियन और ट्रेलिंग बारह-महीने का P/E अनुपात 44.14 था।
भारत की परिवर्तनकारी विकास गाथा
भारत पर श्वार्ज़मैन का बुलिश रुख उसके अनूठे विकास पथ पर टिका है। उन्होंने भारत के प्रति व्यक्ति जीडीपी (लगभग $3,000) की तुलना अमेरिका (70,000 डॉलर से अधिक) और चीन (लगभग $13,000) से की, जो भविष्य के विकास की विशाल क्षमता को रेखांकित करता है [cite: Source A]। भारत की स्थिर सरकार और बुनियादी ढांचे तथा सामाजिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण पूंजी की आवश्यकताएं निवेशकों के लिए एक उपजाऊ जमीन प्रदान करती हैं। यह दृष्टिकोण बाजार के पूर्वानुमानों के अनुरूप है, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि 7.5% से 7.8% के बीच अनुमानित करते हैं। ब्लैकस्टोन अकेला नहीं है जो भारत की क्षमता को पहचान रहा है; प्रतिस्पर्धी ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट भी अगले पांच वर्षों में भारत में लगभग 100 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है, जिसका लक्ष्य इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा है। ब्लैकस्टोन की हालिया गतिविधियों में उसके पोर्टफोलियो कंपनी PGP ग्लास इंडिया के लिए $500 मिलियन के संभावित IPO की पड़ताल करना और Neysa के अधिग्रहण के माध्यम से भारत में AI-केंद्रित डेटा सेंटर संचालन में निवेश करना शामिल है।
AI-संचालित अवसर और बाजार स्थिरता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता प्रभाव ब्लैकस्टोन के लिए एक केंद्रीय विषय है। कंपनी डेटा सेंटरों की एक प्रमुख डेवलपर और मालिक है, जो AI परिनियोजन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा हैं, और वे इससे जुड़ी बिजली की जरूरतों को अपने करियर के सबसे बड़े निवेश अवसरों में से एक मानते हैं [cite: Source A]। अगले पांच वर्षों में डेटा सेंटरों पर वैश्विक खर्च 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर एक प्रमुख चालक है। श्वार्ज़मैन AI की परिवर्तनकारी क्षमता की तुलना भाप इंजनों और बिजली के आगमन से करते हैं, और एक दशक के भीतर AI इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रिड के तेजी से निर्माण की उम्मीद करते हैं [cite: Source A]l
एसेट बबल और मूल्य निर्धारण में अंतर, विशेष रूप से प्राइवेट क्रेडिट मार्केट में, के बारे में चिंताओं को संबोधित करते हुए, श्वार्ज़मैन आश्वस्त हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ब्लैकस्टोन ने ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम क्रेडिट हानियां (credit losses) अनुभव की हैं, जो केवल एक-दसवां प्रतिशत (one-tenth of 1%) हैं, और दावा करते हैं कि प्राइवेट क्रेडिट क्षेत्र जितना दर्शाया जाता है उससे अधिक स्थिर है [cite: Source A]। कुछ AI पहलों और उच्च मूल्यांकन वाली पहली-मूवर कंपनियों के आसपास 'अति-उत्साह' को स्वीकार करते हुए, उनका मानना है कि व्यापक बाजार विभेदित है और 1999 या 2007 में देखी गई उन्माद जैसी स्थिति नहीं दिखाता है [cite: Source A]। हालिया SEC फाइलिंग में ब्लैकस्टोन इंक. के लिए चल रही रिपोर्टिंग और इनसाइडर लेनदेन (insider transactions) दिखाए गए हैं, जो तत्काल नियामक चिंताओं के बजाय मानक कॉर्पोरेट गतिविधि का संकेत देते हैं।