दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर **$6.3 बिलियन** की बड़ी सेंध और State Bank of India (SBI) में डेटा लीक की घटना ने पूरे फाइनेंशियल सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है।
दुनियाभर के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अब अपने डिजिटल डिफेंस को दोबारा परख रहे हैं। 29 अक्टूबर 2026 को Binance पर हुए बड़े हमले और 21 अक्टूबर 2026 को SBI में हुए डेटा लीक ने इन्वेस्टर्स की चिंता बढ़ा दी है।
Binance पर बड़ा साइबर हमला
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance को तब तगड़ा झटका लगा जब हैकर्स ने $6.3 बिलियन की संपत्ति उड़ा ली। जांच में इस हमले का लिंक उत्तर कोरिया के 'TraderTraitor' हैकर ग्रुप से जोड़ा गया है। इस घटना के बाद एक्सचेंज को कुछ समय के लिए विड्रॉल (Withdrawals) रोकने पड़े। हालांकि, कंपनी ने दावा किया है कि उसने 90% फंड को SAFU (Secure Asset Fund for Users) के जरिए रिकवर कर लिया है और 1 नवंबर 2026 तक सेवाएं सामान्य हो गई थीं।
SBI में डेटा सुरक्षा में सेंध
दूसरी ओर, बैंकिंग सेक्टर में SBI ने कन्फर्म किया है कि 21 अक्टूबर 2026 को उनका डेटा लीक हुआ था। डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In की अलर्ट के बाद किए गए ऑडिट में पता चला कि 3,897 ग्राहकों का संवेदनशील डेटा डार्क वेब पर एक्सपोज हो गया था। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि और लोन मेटाडेटा शामिल हैं। बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोर बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित है और फंड्स पर कोई आंच नहीं आई है।
निवेशकों के लिए सबक
अब साइबर सुरक्षा केवल IT का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर फाइनेंशियल रिस्क बन गया है। अब संस्थाएं 'जीरो-ट्रस्ट' आर्किटेक्चर की ओर बढ़ रही हैं। सुरक्षा पर होने वाले इस भारी खर्च से आने वाले क्वार्टर्स में बैंकों के ऑपरेशनल खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिस पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी होगी।
