Groww के पैरेंट ग्रुप Billionbrains Garage Ventures ने शानदार दूसरी तिमाही पेश की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **54%** बढ़कर **₹725 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि नए रेगुलेटरी बदलावों ने इक्विटी डेरिवेटिव्स से होने वाली कमाई पर असर डाला है।
Billionbrains Garage Ventures ने सितंबर तिमाही के लिए अपनी वित्तीय सेहत का पिटारा खोला है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹471 करोड़ से बढ़कर ₹725 करोड़ हो गया है। वहीं, ऑपरेशनल रेवेन्यू 47% की ग्रोथ के साथ ₹1,501 करोड़ पर पहुंच गया है।
कारोबार की इनसाइड स्टोरी
कंपनी की इस तेजी को मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट से काफी मजबूती मिली है। हालांकि, इक्विटी डेरिवेटिव्स बिजनेस में थोड़ी चुनौती देखने को मिली। मैनेजमेंट के मुताबिक, SEBI द्वारा लाए गए नए 'क्लाइंट-लेवल एक्टिविटी फ्रेमवर्क' (CAS) और बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण इस सेगमेंट की इनकम में दबाव आया है। यह दर्शाता है कि कैसे रेगुलेटरी नियम सीधे ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स की कमाई को प्रभावित कर रहे हैं।
डायवर्सिफिकेशन पर जोर
ब्रोकरेज से इतर, कंपनी अपने अन्य वर्टिकल्स में भी तेजी से पैर पसार रही है। इसका वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस अब ₹10,000 करोड़ का AUM पार कर चुका है। वहीं, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) सेगमेंट का AUM भी पिछले साल के ₹2,928 करोड़ से बढ़कर ₹7,179 करोड़ के आंकड़े को छू गया है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कैसे कंपनी अपने कोर ब्रोकरेज बिजनेस और नए एसेट मैनेजमेंट वर्टिकल्स के बीच बैलेंस बनाती है। भविष्य में रेगुलेटरी बदलाव और मार्केट वॉल्यूम में आने वाली कोई भी सुस्ती कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकती है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या कंपनी नए सेगमेंट्स के जरिए लंबी अवधि में अपनी स्थिरता बनाए रख पाएगी या नहीं।
