अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियां AI के विस्तार के लिए भारी कर्ज ले रही हैं। साल 2026 में अब तक **$194 बिलियन** का कर्ज जारी हुआ है। बॉन्ड सप्लाई बढ़ने से निवेशकों की मांग बढ़ गई है, जिससे कर्ज की लागत बढ़ रही है और सेकेंडरी मार्केट में बॉन्ड की कीमतें गिर रही हैं।
AI के लिए Big Tech का भारी कर्ज़
Amazon, Alphabet, Meta Platforms और Oracle जैसी अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने के लिए बड़े पैमाने पर डेट मार्केट का सहारा ले रही हैं। इसके चलते 2026 में अब तक $194 बिलियन के नए बॉन्ड जारी किए गए हैं। यह पिछले साल 2025 के कुल $108 बिलियन के मुकाबले 79% की बड़ी बढ़ोतरी है।
बॉरोइंग कॉस्ट और मार्केट पर असर
बाजार में नए बॉन्ड की इतनी बड़ी सप्लाई से निवेशक अब टेक डेट को अलग नजरिए से देख रहे हैं। सप्लाई बढ़ने के साथ ही, निवेशकों द्वारा मांगी जाने वाली अतिरिक्त यील्ड (जोखिम-मुक्त दरों से ऊपर) यानी 'स्प्रेड' भी बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, 2 से 4 साल के बॉन्ड पर औसत स्प्रेड पिछले साल के 30 बेसिस पॉइंट से बढ़कर 40 बेसिस पॉइंट हो गया है। 20 साल से अधिक की अवधि वाले लॉन्ग-टर्म डेट में भी यही ट्रेंड देखा गया है, जहां स्प्रेड 108.5 बेसिस पॉइंट से बढ़कर 118 बेसिस पॉइंट हो गया है।
यह ट्रेंड सेकेंडरी मार्केट में भी दिख रहा है, जहां इस साल जारी किए गए 91 हाइपरस्केलर बॉन्ड में से 78 बॉन्ड, जब पहली बार बेचे गए थे, उससे कहीं ज्यादा यील्ड पर ट्रेड कर रहे हैं। सेकेंडरी मार्केट में ज्यादा यील्ड का मतलब आम तौर पर उन मौजूदा बॉन्ड की कीमत का गिरना होता है।
निवेशकों की घटती मांग
हालांकि टेक कंपनियों ने सफलतापूर्वक कैपिटल जुटा लिया है, लेकिन ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि निवेशकों की रुचि अब ज्यादा चुनिंदा हो गई है। निवेशक की रुचि को ट्रैक करने वाले मेट्रिक्स, जैसे कवर रेशियो (कुल ऑर्डर की तुलना जारी किए गए डेट की मात्रा से) में गिरावट आई है। डेटा से पता चलता है कि 2026 की शुरुआत में लगभग पांच गुना से घटकर जुलाई तक औसत कवर रेशियो दो गुना से भी कम हो गया है।
Amazon की हालिया फाइनेंसिंग एक्टिविटी इस बदले हुए मार्केट सेंटीमेंट को दर्शाती है। जहां मार्च में बॉन्ड सेल को 3.4 गुना ओवरसब्सक्राइब किया गया था, वहीं जुलाई में यह रेशियो घटकर 1.6 गुना रह गया। इसका मतलब यह है कि जैसे-जैसे टेक दिग्गज अपने डेट फुटप्रिंट को बढ़ा रहे हैं (जिसका अनुमान सितंबर से दोगुना होकर $360 बिलियन से अधिक हो गया है), उन्हें भविष्य की AI पहलों के लिए पर्याप्त कैपिटल आकर्षित करने के लिए उच्च ब्याज दरें देनी पड़ सकती हैं।
टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भविष्य के निहितार्थ
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि ये कंपनियां वर्तमान में भारी खर्च को सही ठहराने के लिए भविष्य के निवेश पर रिटर्न का दांव लगा रही हैं। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि टॉप पांच हाइपरस्केलर्स से इस साल $250 बिलियन जारी हो सकते हैं और 2027 तक यह $400 बिलियन तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में बॉरोइंग स्प्रेड पर दबाव बना रहेगा। निवेशकों के लिए, मुख्य बात यह होगी कि क्या ये बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट आखिरकार उम्मीद के मुताबिक प्रॉफिट मार्जिन उत्पन्न कर पाएंगे, ताकि इतने ऊंचे डेट स्तरों का समर्थन किया जा सके, खासकर जब बॉरोइंग की लागत लगातार बढ़ रही है।
