Bharat Housing Network: ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए जुटाए **₹47 करोड़**, सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bharat Housing Network: ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए जुटाए **₹47 करोड़**, सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस

प्राइवेट क्रेडिट नेटवर्क Bharat Housing Network ने सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए Symbiotics Investments से **₹47 करोड़** जुटाए हैं। इस राशि का उपयोग कंपनी की सब्सिडियरी Singularity Creditworld द्वारा Tier-2 और Tier-3 शहरों में सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन देने के लिए किया जाएगा।

Bharat Housing Network (BHN) ने स्विट्जरलैंड स्थित Symbiotics Investments के जरिए $5 मिलियन यानी करीब ₹47 करोड़ की नई पूंजी जुटाई है। यह फंडिंग $75 मिलियन के बड़े ग्रीन बास्केट बॉन्ड प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसे British International Investment (BII) का समर्थन प्राप्त है। कंपनी इस रकम को अपनी NBFC सब्सिडियरी, Singularity Creditworld में निवेश करेगी ताकि देश भर में क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबल लेंडिंग को गति दी जा सके।

फंड का उपयोग और लक्ष्य

यह पूंजी मुख्य रूप से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीद और क्लीन-टेक MSMEs को क्रेडिट सुविधा देने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य अगले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक अपनी ग्रीन बॉन्ड जारी करने की क्षमता को बढ़ाकर $25 मिलियन तक ले जाना है। BHN का उद्देश्य उन कम और मध्यम आय वाले उधारकर्ताओं तक पहुंच बनाना है, जिन्हें अक्सर पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से पर्याप्त मदद नहीं मिल पाती।

रिस्क फैक्टर और बाजार की स्थिति

निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि Bharat Housing Network एक प्राइवेट एंटिटी है और फिलहाल शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, लिस्टेड कंपनियों की तरह इसकी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होती है।

Tier-2 और Tier-3 शहरों में लेंडिंग करने से कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। इन क्षेत्रों में कलेक्शन साइकिल और रीपेमेंट क्षमता महानगरों की तुलना में अधिक अस्थिर हो सकती है। इसके अलावा, लेंडिंग मॉडल पूरी तरह से ब्याज दरों के माहौल पर निर्भर है। यदि उधार लेने की लागत (Cost of Capital) बढ़ती है, तो प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों के लिए मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। साथ ही, सोलर पैनल और EV जैसे एसेट के परफॉर्मेंस पर भी लोन की रिकवरी टिकी होगी, जो कि एक एग्जीक्यूशन रिस्क है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.