Barclays की भारत में बड़ी चाल, अरबपतियों का धन संभालने के लिए बिछाया जाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Barclays की भारत में बड़ी चाल, अरबपतियों का धन संभालने के लिए बिछाया जाल

Barclays भारत के सबसे अमीर बिजनेस फाउंडर्स को सेवा देने के लिए अपने प्राइवेट बैंकिंग कारोबार का आक्रामक विस्तार कर रहा है। बैंक जटिल कैपिटल-मार्केट डील्स पर फोकस कर रहा है, हालांकि ग्लोबल लेवल पर बढ़ते खर्च और मार्जिन पर दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

Barclays अब भारत के अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों (UHNWIs) की संपत्ति को मैनेज करने के लिए अपनी रणनीति को तेज कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य भारत की तेजी से बढ़ती अरबपति आबादी के बीच अपनी पैठ मजबूत करना है। इस मिशन को लीड करने के लिए बैंक ने मार्च 2026 में अद्रिश घोष को इंडिया का हेड ऑफ प्राइवेट बैंक नियुक्त किया था। कंपनी अब लंदन, दुबई और सिंगापुर जैसे अपने ग्लोबल हब का उपयोग कर रही है, ताकि भारतीय बिजनेस फाउंडर्स को क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन और कैपिटल-मार्केट गतिविधियों में प्रीमियम सलाह दी जा सके।

फाइनेंशियल हालात और मार्जिन पर दबाव

भारत की आर्थिक क्षमता पर भरोसा जताने के बावजूद, बैंक का वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन इस वक्त चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। साल 2026 की पहली छमाही में इस डिवीजन का प्रॉफिट 20% घटकर £148 मिलियन रह गया, जबकि कुल इनकम 2% बढ़कर £713 मिलियन रही। इस प्रॉफिट में गिरावट की मुख्य वजह आक्रामक विस्तार का खर्च है। ऑपरेटिंग खर्च 11% बढ़कर £524 मिलियन हो गए हैं, जिससे कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो बढ़कर 73% तक पहुंच गया है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि बड़े पैमाने पर विस्तार और टैलेंट पर भारी खर्च करने का असर शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर साफ दिख रहा है।

टैलेंट के लिए छिड़ी जंग

भारत में प्राइवेट बैंकिंग का स्पेस काफी भीड़भाड़ वाला हो गया है। Barclays को HSBC और Standard Chartered जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। इस प्रतिस्पर्धा के कारण मार्केट में 'वॉर फॉर टैलेंट' छिड़ गई है, जहां कंपनियां अनुभवी रिलेशनशिप मैनेजर्स को रखने के लिए रिकॉर्ड पैसा खर्च कर रही हैं। बैंक को उम्मीद है कि 2025 में दर्ज करीब 207 अरबपतियों की संख्या उनके इस भारी खर्च को आने वाले समय में सही साबित करेगी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या भारतीय ऑपरेशंस से होने वाली कमाई, बढ़ते खर्चों की भरपाई कर पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.