HDFC Bank, Federal Bank और Axis Bank ने सीनियर सिटीजन्स के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों में बढ़ोतरी की है। वहीं, दूसरी ओर State Bank of India (SBI) ने अपनी शॉर्ट-टर्म बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों को कम कर दिया है।
अगस्त 2026 में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एफडी (FD) को लेकर दोहरी तस्वीर देखने को मिल रही है। प्राइवेट बैंक जहां लंबे समय के लिए रिटेल पैसा जुटाने पर जोर दे रहे हैं, वहीं सरकारी बैंक लिक्विडिटी मैनेजमेंट के तहत अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं।
प्राइवेट बैंकों का फोकस रिटेल ग्राहकों पर
प्राइवेट बैंकों का मानना है कि रिटेल डिपॉजिट ज्यादा स्टेबल होती है, इसलिए वे सीनियर सिटीजन्स को लुभाने के लिए दरों में इजाफा कर रहे हैं।
- HDFC Bank: 19 अगस्त 2026 से बैंक ने ₹3 करोड़ से कम की एफडी पर चुनिंदा अवधि के लिए ब्याज दरों में 10 बेसिस पॉइंट्स (0.10%) की बढ़ोतरी की है।
- Federal Bank: 17 अगस्त 2026 से बैंक अब सीनियर सिटीजन्स को 48 महीने की अवधि पर 7.20% तक का रिटर्न दे रहा है।
- Axis Bank: 26 अगस्त 2026 से बैंक 5 से 10 साल की अवधि वाली ₹3 करोड़ से कम की एफडी पर 7.25% तक का ब्याज ऑफर कर रहा है।
SBI की बल्क डिपॉजिट रणनीति
इसके उलट, सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक State Bank of India (SBI) ने 15 अगस्त 2026 से ₹3 करोड़ और उससे ऊपर की बल्क टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक ने 7 से 179 दिन की अवधि पर 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) और 180 से 210 दिन की अवधि पर 10 बेसिस पॉइंट्स (0.10%) की कमी की है। इसका मतलब है कि बैंक के पास शॉर्ट-टर्म के लिए पर्याप्त नकदी मौजूद है।
निवेशकों के लिए काम की बात
निवेश करने से पहले यह ध्यान रखें कि एफडी पर मिलने वाला ब्याज आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है। इसके अलावा, DICGC के तहत आपको हर बैंक में केवल ₹5 लाख तक की सुरक्षा मिलती है, इसलिए बड़ी राशि को अलग-अलग बैंकों में बांटना समझदारी है। बाजार की बदलती स्थिति के साथ भविष्य में दरों में और बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपनी रिन्यूअल डेट पर नजर जरूर रखें।
