RBI द्वारा रेपो रेट को **5.50%** तक बढ़ाने के बाद बैंकों ने अपनी FD दरों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। जहां स्मॉल फाइनेंस बैंक **8.25%** तक ब्याज दे रहे हैं, वहीं बड़े प्राइवेट बैंकों की दरें **6.50%** के आसपास हैं। निवेश करते समय DICGC के **₹5 लाख** के बीमा कवर का ध्यान रखना जरूरी है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के साथ ही इसे 5.50% पर पहुंचा दिया गया है। इस कदम के बाद पूरे बैंकिंग सिस्टम में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों का री-प्राइसिंग दौर शुरू हो गया है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में बहार
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) पर दिख रहा है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% तक ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10% तक की दर दे रहा है। इसके अलावा इक्विटास, एएसएएफ, जना और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी अपनी दरें बढ़ाकर 8.00% के करीब कर दी हैं। इन बैंकों को अपना लोन बुक बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से फंड की जरूरत होती है, इसलिए ये अधिक ब्याज देते हैं।
बड़े बैंकों की रणनीति
दूसरी तरफ, HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बड़े निजी बैंकों ने सतर्कता बरती है। इनकी ब्याज दरें अभी भी 6.50% के आसपास बनी हुई हैं। इसका कारण यह है कि इन बैंकों के पास सेविंग्स अकाउंट और करंट अकाउंट के जरिए सस्ता फंड उपलब्ध रहता है, जिससे उन्हें छोटी अवधि में दरों को तेजी से बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।
निवेशकों के लिए सावधानी
सिर्फ ऊंचे ब्याज के चक्कर में पड़ना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को याद रखना चाहिए कि Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत प्रति बैंक सिर्फ ₹5 लाख तक की जमा राशि सुरक्षित होती है। इसलिए, अपनी पूरी पूंजी को एक ही बैंक में लगाने के बजाय, अलग-अलग बैंकों में निवेश करना समझदारी है।
निवेश करने से पहले अपनी लिक्विडिटी जरूरतों को जरूर परखें। लंबी अवधि के लिए पैसा लॉक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपको बीच में उस रकम की जरूरत तो नहीं पड़ेगी। बैंकों की तरफ से इन दरों को लागू करने का प्रोसेस अक्सर स्टेप-बाय-स्टेप होता है, इसलिए अपने बैंक के लेटेस्ट अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
