Banks: लोन प्रोसेसिंग के लिए बदल रहा है तरीका, अब Agentic AI का ले रहे सहारा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Banks: लोन प्रोसेसिंग के लिए बदल रहा है तरीका, अब Agentic AI का ले रहे सहारा

भारतीय फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अब लोन प्रोसेसिंग, KYC और रिस्क असेसमेंट को आसान बनाने के लिए Agentic AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे MSME लेंडिंग में तेजी आएगी, लेकिन RBI के नियमों और डेटा प्राइवेसी का पालन करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

अब तक हम सिर्फ ऑटोमेशन की बात करते थे, लेकिन अब दौर 'Agentic AI' का है। यह तकनीक उन जटिल कामों को भी खुद कर सकती है जिनमें पहले भारी-भरकम मैनपावर की जरूरत होती थी। यह सिस्टम टैक्स रिकॉर्ड्स, बैंक स्टेटमेंट और KYC डॉक्यूमेंट्स से डेटा खुद निकालने और उन्हें रियल-टाइम में रिकंसाइल (reconcile) करने में सक्षम है। इससे लोन से जुड़े डॉक्यूमेंटेशन का काम आसान हो गया है और बैंक कर्मचारी अब केवल अहम फैसलों पर ध्यान दे पा रहे हैं।

MSME लेंडिंग में बड़ा बदलाव

इस तकनीक का असर MSME लेंडिंग जैसे हाई-वॉल्यूम सेगमेंट में साफ दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर, DBS Bank India ने पहले ही अपने लेंडिंग और ऑनबोर्डिंग प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए तो यह पूरी लोन जर्नी—कस्टमर एक्विजिशन से लेकर कलेक्शन तक—को मैनेज करने का जरिया बन गया है। सिस्टम अपने आप संदिग्ध ट्रांजेक्शन को फ्लैग कर रहे हैं, जिससे बिना स्टाफ बढ़ाए भी बड़े ऑपरेशंस को मैनेज करना आसान हो गया है।

RBI की कड़ी निगरानी और गवर्नेंस

भले ही काम आसान हो रहा हो, लेकिन Reserve Bank of India (RBI) की नजरें इस पर सख्त हैं। कोई भी AI मॉडल जो फाइनेंशियल एक्सेस को प्रभावित करता है, उसके लिए पारदर्शिता और डेटा सिक्योरिटी अनिवार्य है। बैंकों को 'Explainable AI' का उपयोग करना होगा, ताकि हर ऑटोमेटेड फैसले का ऑडिट किया जा सके। इसे 'ब्लैक बॉक्स' प्रॉब्लम से बचने के लिए लाया गया है, ताकि बैंक किसी भी फैसले को रेगुलेटर्स के सामने सही ठहरा सकें।

निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना है कि कौन सा बैंक इस तकनीक को अपनाने के साथ अपने डेटा आर्किटेक्चर को कितना मजबूत रखता है। जो कंपनियां गवर्नेंस नियमों को दरकिनार करेंगी, उन पर जुर्माना या ऑपरेशनल फेलियर का रिस्क बना रहेगा। सफलता उसी बैंक को मिलेगी जो तेज रफ्तार और सख्त फाइनेंशियल रिस्क पॉलिसी के बीच बेहतर संतुलन बना पाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.