Bank of India (BOI) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने नेट प्रॉफिट में **36%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर **₹3,068 करोड़** हो गया है। यह शानदार प्रदर्शन ब्याज और गैर-ब्याज आय (non-interest income) में हुई वृद्धि से संभव हुआ है।
Detailed Coverage
नेट प्रॉफिट में 36% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी
बैंक ऑफ इंडिया ने फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही के लिए ₹3,068 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹2,252 करोड़ था, जो 36% की शानदार बढ़ोतरी दिखाता है। बैंक के मुख्य बैंकिंग ऑपरेशंस में हेल्दी ग्रोथ और नॉन-इंटरेस्ट इनकम में इज़ाफे ने इस प्रदर्शन को सपोर्ट किया, हालांकि ट्रेजरी गेम्स में गिरावट आई।
ब्याज आय और अन्य इनकम का कमाल
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम, जो लोन से अर्जित ब्याज और डिपॉजिट पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर बताती है, 13% बढ़कर ₹6,833 करोड़ हो गई। इसके अलावा, फी-बेस्ड कमाई (fee-based earnings) और राइट-ऑफ (written-off) खातों से रिकवरी जैसी अन्य आय स्रोतों में भी 19% की तेजी देखी गई, जो ₹2,579 करोड़ तक पहुंच गई। खास तौर पर, राइट-ऑफ लोन से रिकवरी 89% बढ़कर ₹609 करोड़ रही, जिसने बॉटम लाइन को काफी मजबूती दी।
एसेट क्वालिटी और मार्जिन पर एक नज़र
प्रॉफिट में बढ़ोतरी के बावजूद, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी कमी आई है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 2.55% से घटकर 2.52% हो गया है। इसका मतलब यह हो सकता है कि डिपॉजिट की लागत, एडवांस पर मिलने वाले यील्ड (yield) की तुलना में थोड़ी तेजी से बढ़ रही है। नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के लिए प्रोविजन्स (Provisions) काफी स्थिर रहे, जिसमें 4% की मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹1,144 करोड़ का आंकड़ा छुआ। प्रॉफिट में एक और अहम फैक्टर स्टैंडर्ड एसेट्स के प्रोविजन्स में ₹181 करोड़ का राइट-बैक रहा, जिसने नेट अर्निंग्स को बूस्ट दिया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ ₹8 करोड़ था।
डिपॉजिट और एडवांसेस में ग्रोथ
बैंक के बिजनेस स्केल में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। जून 2025 के अंत तक, ग्लोबल डिपॉजिट 15% बढ़कर ₹9,57,924 करोड़ और ग्लोबल एडवांसेस 19% बढ़कर ₹7,97,775 करोड़ हो गए।
फॉरेन करेंसी डिपॉजिट पर फोकस
मैनेजमेंट ने अपने फॉरेन करेंसी रिजर्व को मजबूत करने पर ज़ोर दिया है। बैंक का लक्ष्य रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की स्पेशल स्वैप विंडो का इस्तेमाल करके FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए $1.2 बिलियन का इनफ्लो बढ़ाना है। बैंक ने जून की शुरुआत से अब तक इस टारगेट का $200 मिलियन हासिल कर लिया है।
आगे की राह
निवेशकों को यह देखना होगा कि बैंक अपनी क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार बनाए रख पाता है या नहीं, साथ ही नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को कैसे मैनेज करता है। FCNR(B) डिपॉजिट स्ट्रैटेजी की लिक्विडिटी मैनेजमेंट में प्रभावशीलता और राइट-ऑफ खातों से रिकवरी की निरंतरता आने वाली तिमाहियों में महत्वपूर्ण कारक होंगे।
