Bank of India ने रेगुलेटरी फाइलिंग में Future Enterprises Ltd के **₹575.40 करोड़** के लोन अकाउंट को 'फ्रॉड' घोषित कर दिया है। हालांकि, बैंक ने साफ किया है कि इसके लिए पहले ही **100%** प्रोविजनिंग की जा चुकी है, इसलिए बैंक के मुनाफे पर कोई नया असर नहीं पड़ेगा।
बैंक ने क्यों लिया ये फैसला?
Bank of India ने 12 अक्टूबर, 2026 को जारी एक रेगुलेटरी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि Future Enterprises Ltd के पास बैंक का ₹575.40 करोड़ का बकाया था। Reserve Bank of India (RBI) के नियमों के अनुसार, फंड के दुरुपयोग या अनियमितता पाए जाने पर बैंक को ऐसे खातों को फ्रॉड की श्रेणी में डालना पड़ता है।
निवेशकों के लिए राहत की बात
सबसे अहम बात यह है कि इस खबर का बैंक के फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई नया बोझ नहीं पड़ेगा। बैंक पहले ही इस पूरे एक्सपोजर के लिए 100% प्रोविजनिंग (Provisioning) कर चुका है। चूंकि यह रकम पहले ही नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) के तौर पर दर्ज थी, इसलिए अब बैंक के प्रॉफिट या मार्जिन पर कोई अतिरिक्त झटका नहीं लगेगा।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
Future Enterprises पहले से ही भारी संकट से गुजर रही है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2023 से ही National Company Law Tribunal (NCLT) के तहत दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Process) का सामना कर रही है। Future Group की नाकाम होती रीस्ट्रक्चरिंग कोशिशों और वित्तीय संकट के बीच, बैंक और अन्य लेनदारों के लिए रिकवरी की प्रक्रिया अब काफी जटिल हो गई है।
फिलहाल, निवेशकों और बाजार की नजर NCLT की कार्यवाही पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि कंपनी की बची हुई संपत्तियों से लेनदारों को कितना पैसा वापस मिल सकता है।
