Bank of Baroda ने GIFT City यूनिट के जरिए अपने मौजूदा **2031** डॉलर-डिनोमिनेटेड बॉन्ड्स में **$400 मिलियन** की अतिरिक्त राशि जुटाई है। इसके साथ ही इस इश्यू का कुल साइज बढ़कर **$700 मिलियन** हो गया है, जिससे बैंक की विदेशी मुद्रा लिक्विडिटी मजबूत होगी।
बॉन्ड इश्यू की बारीकियां
बैंक ने 27 अगस्त, 2026 को GIFT City स्थित अपनी IFSC बैंकिंग यूनिट के माध्यम से यह ट्रांजैक्शन पूरा किया। मौजूदा बॉन्ड सीरीज में की गई इस टैप इश्यू (Tap Issue) के बाद कुल आउटस्टैंडिंग राशि $700 मिलियन हो गई है। इन बॉन्ड्स पर कूपन रेट 5.318% तय किया गया है, जबकि ऑल-इन यील्ड 5.389% रही है।
क्यों खास है यह कदम?
यह फंडरेजिंग इसलिए अहम है क्योंकि Bank of Baroda सरकारी बैंकों में दूसरा ऐसा बैंक बन गया है, जिसने केंद्रीय बैंक की डिस्काउंटेड फंडिंग विंडो का लाभ उठाया है। जून 2026 से उपलब्ध इस मैकेनिज्म का उपयोग करके बैंक अपनी विदेशी मुद्रा की जरूरतों को और अधिक कुशलता से पूरा कर रहा है, जो उसके घरेलू लेंडिंग ऑपरेशन्स के लिए जरूरी फंड मुहैया कराएगा।
क्रेडिट रेटिंग और जोखिम
बैंक को S&P से BBB और Fitch से BBB- जैसी निवेश-ग्रेड रेटिंग मिली हुई है। हालांकि, विदेशी कर्ज पर निर्भरता के चलते बैंक ग्लोबल मार्केट रिस्क और करेंसी में उतार-चढ़ाव (Foreign Exchange Volatility) के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। पुराने मामलों जैसे NMC Health लिटिगेशन के चलते बैंक के कैपिटल बफर पर भी निवेशकों की नजर रहती है।
बता दें कि 26 अगस्त, 2026 को बैंक का शेयर ₹242.50 पर बंद हुआ था। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस अतिरिक्त विदेशी पूंजी से बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर क्या असर पड़ता है और ग्लोबल इंटरेस्ट रेट में बदलाव के बीच कर्ज की लागत कितनी स्थिर रहती है।
