Bank of Baroda ने मजबूत रिटेल और MSME डिमांड के दम पर अपने FY27 क्रेडिट ग्रोथ टारगेट को बढ़ाकर **13-15%** और डिपॉजिट ग्रोथ को **11-13%** कर दिया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस को पुराने 12-14% से बढ़ाकर 13-15% कर दिया है। बैंक के मैनेजमेंट का यह फैसला रिटेल और MSME सेक्टर में दिख रही भारी डिमांड को दर्शाता है, जहां क्रमशः 18.5% और 21.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कॉरपोरेट पाइपलाइन और एसेट क्वालिटी
बैंक की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा ₹60,000 करोड़ से ज्यादा की कॉरपोरेट लोन पाइपलाइन पर टिका है। हालांकि पारंपरिक कॉरपोरेट सेगमेंट में ग्रोथ 6.4% रही, लेकिन मिड-कॉरपोरेट सेगमेंट में 26% की जोरदार तेजी देखने को मिली है। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है; स्लिपेज रेशियो पिछले क्वार्टर के 0.91% से सुधरकर 0.69% पर आ गया है। इसके अलावा, कृषि लोन को छोड़कर बैंक की कलेक्शन एफिशिएंसी 99.22% रही।
मार्जिन और लिक्विडिटी का गणित
सितंबर तिमाही के लिए बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.74% रहा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में इसमें और सुधार होगा। बैंक का लगभग 38% लोन बुक रेपो रेट से जुड़ा है, जिससे ब्याज दरों में बदलाव का असर तेजी से दिखता है। लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए बैंक ने FCNR(B) डिपॉजिट से ₹74,000-75,000 करोड़ के फंड का इस्तेमाल किया है, जिससे महंगी बल्क डिपॉजिट पर निर्भरता कम हुई है।
रेगुलेटरी प्रोविजनिंग
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अपेक्षित क्रेडिट लॉस (ECL) फ्रेमवर्क की तैयारी के तौर पर, बैंक ने ₹1,300 करोड़ का अतिरिक्त प्रोविजन किया है। इसके अलावा, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए ₹300 करोड़ का एक आकस्मिक फंड भी बनाया गया है। इन सबके बावजूद, बैंक का लक्ष्य रिटर्न ऑन एसेट्स को 1% से ऊपर और रिटर्न ऑन इक्विटी को 15-16% के दायरे में बनाए रखने का है।
