Bank of Baroda Q4 Results: लोन में बंपर उछाल, पर मुनाफे पर दबाव! जानिए वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bank of Baroda Q4 Results: लोन में बंपर उछाल, पर मुनाफे पर दबाव! जानिए वजह
Overview

Bank of Baroda अपने Q4 FY26 के वित्तीय नतीजे **8 मई, 2026** को जारी करने के लिए तैयार है। एनालिस्ट्स इस पब्लिक सेक्टर बैंक के लिए मजबूत **डबल-डिजिट** लोन ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि, ट्रेजरी में हुए संभावित नुकसान और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव के चलते, कंपनी के प्रॉफिट और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में मामूली बढ़त या गिरावट की आशंका है।

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लोन में उछाल, पर मुनाफे पर पड़ सकता है दबाव!

Bank of Baroda के Q4 FY26 के वित्तीय नतीजों में, जहां एक तरफ लोन में ज़बरदस्त 16% से ज्यादा की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ ट्रेजरी (Treasury) में हुए नुकसान और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव के चलते मुनाफा घट सकता है। यह सरकारी बैंक 8 मई, 2026 को 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजे पेश करेगा।

ब्रोकरेज की क्या है राय?

एनालिस्ट्स (Analysts) को मजबूत एसेट ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें लोन में 16% से अधिक की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी का अनुमान है। Nomura का अनुमान है कि लोन 16% बढ़कर ₹14.05 ट्रिलियन और डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹16.48 ट्रिलियन हो सकते हैं। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में केवल ~5% की सालाना बढ़ोतरी होकर ₹12,120 करोड़ रहने की उम्मीद है। नेट प्रॉफिट में ~5% की सालाना गिरावट आकर ₹4,800 करोड़ रह सकता है। इसका मुख्य कारण ट्रेजरी घाटे से प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) में 8% की गिरावट है।

JM Financial Institutional Securities भी ऐसे ही रुझान की उम्मीद कर रहा है: लोन में 16.2% और डिपॉजिट में 12% की वृद्धि। उनकी NII का अनुमान ₹11,740 करोड़ (6.5% YoY वृद्धि) है, लेकिन वे नेट प्रॉफिट में 3.7% की गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं, जो ₹4,860 करोड़ हो सकता है। इस अनुमान में प्रोविजनिंग में 64% से अधिक की संभावित वृद्धि भी शामिल है।

Motilal Oswal Financial Services थोड़ा अधिक आशावादी है, जो नेट प्रॉफिट में केवल 2% की सालाना गिरावट का अनुमान लगा रहा है, यह ₹4,950 करोड़ रह सकता है, जबकि NII 5% बढ़ने का अनुमान है।

Mirae Asset Sharekhan भी ऑपरेटिंग खर्चों में वृद्धि और ट्रेजरी गेन में कमी के कारण नेट प्रॉफिट ग्रोथ में लगभग फ्लैट (-0.8%) रहने का अनुमान लगा रहा है।

मार्जिन पर दबाव, एसेट क्वालिटी स्थिर

अधिकांश एनालिस्ट्स नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) करीब 5 बेसिस पॉइंट की गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं, जो ~2.6% के आसपास पहुंच सकता है। यह रेपो और MCLR-लिंक्ड एसेट्स की री-प्राइसिंग और फंड की लागत (Cost of Funds) बढ़ने के कारण हो सकता है।

मुनाफे पर दबाव के बावजूद, एसेट क्वालिटी (Asset Quality) स्थिर रहने की उम्मीद है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात तिमाही आधार पर 2% पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NNPA) अनुपात लगभग 0.6% रहने की उम्मीद है।

निवेशक मैनेजमेंट से डिपॉजिट ग्रोथ प्लान, भविष्य के NIM ट्रेंड्स और क्रेडिट कॉस्ट आउटलुक पर कमेंट्री सुनना चाहेंगे। बोर्ड फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश पर भी विचार कर सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.