बैंक का दमदार प्रदर्शन, पर मार्जिन पर छाया संकट
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 11.25% बढ़कर ₹5,615.68 करोड़ पर पहुंच गया है।
इस मजबूत मुनाफे की मुख्य वजह बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 8.7% का इजाफा है, जो ₹12,494 करोड़ रही। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए बैंक का नेट प्रॉफिट 2.25% की बढ़त के साथ ₹20,021.06 करोड़ दर्ज किया गया। बैंक के बोर्ड ने ₹8.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की भी सिफारिश की है, जिससे शेयरधारकों को राहत मिली है।
मार्जिन पर दबाव, सेक्टर में भी यही हाल
हालांकि, इन शानदार आंकड़ों के बीच बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट देखी गई है। बैंक का ग्लोबल NIM घटकर 2.89% रह गया, जो पिछले साल 2.98% था। यह स्थिति सिर्फ बैंक ऑफ बड़ौदा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में दिखाई दे रही है।
उदाहरण के तौर पर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का डोमेस्टिक NIM पिछले साल की तुलना में 21 बेसिस पॉइंट गिरकर 2.93% पर आ गया। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का NIM भी 2.96% से घटकर 2.61% हो गया, और उसकी NII में 3.5% की गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिपॉजिट पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा, उधारी की लागत बढ़ना और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बैंकों को मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
आगे की राह और वैल्यूएशन
इन चुनौतियों के बावजूद, बैंक ऑफ बड़ौदा के लोन ग्रोथ (Loan Growth) में 16% से ज्यादा की तेजी की उम्मीद है, जो सेक्टर के 11-13% के अनुमान से बेहतर है। फिलहाल, बैंक का मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹1.40 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो लगभग 7.2x है, जो इसे एक वैल्यू स्टॉक (Value Stock) के तौर पर पेश करता है।
हालांकि, मार्जिन में लगातार दबाव बैंक के स्टॉक के प्रदर्शन को सीमित कर सकता है। एनालिस्ट (Analysts) बैंक के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं और ₹240 से ₹325 तक के टारगेट प्राइस (Target Price) दे रहे हैं। लेकिन, इन टारगेट्स को हासिल करने के लिए बैंक को मार्जिन दबाव को संभालने और NIM को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
