बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के निवेशकों के लिए जून तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। एक बड़े सेटलमेंट के चलते बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 48% घटकर ₹1,783 करोड़ रह गया। हालांकि, बैंक ने अपने 12-14% लोन ग्रोथ टारगेट को बनाए रखा है।
Detailed Coverage
NMC ग्रुप सेटलमेंट का बड़ा असर
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के जून तिमाही के नतीजों पर UAE की NMC ग्रुप के साथ हुए ₹5,680 करोड़ के एकमुश्त सेटलमेंट का बड़ा असर देखा गया। इसी वजह से बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के 48% घटकर ₹1,783 करोड़ पर आ गया। इस सेटलमेंट से जुड़े कानूनी मामले अबू धाबी ग्लोबल मार्केट और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई ज्यूरिसडिक्शन में चल रहे थे। बैंक के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, देबादत्त चंद ने कहा कि यह फैसला अनिश्चितता को खत्म करने के लिए व्यावसायिक रूप से समझदारी भरा था। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह भुगतान देनदारी की स्वीकारोक्ति नहीं है और इसके लिए पहले से रखे गए फंड का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
कोर बिजनेस में मजबूती जारी
इस एकमुश्त खर्च के बावजूद, बैंक के मुख्य व्यवसाय ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) यानी लोन से होने वाली कमाई 10% बढ़कर ₹12,524 करोड़ हो गई। कुल एडवांसेस (Advances) में 17% की बढ़त ने इसे सपोर्ट किया। हालांकि, ग्लोबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) में मामूली गिरावट आई, जो पिछले साल के 2.91% से घटकर 2.77% हो गया। बैंक चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए 2.75% से 2.95% के नेट इंटरेस्ट मार्जिन का लक्ष्य बनाए हुए है।
एसेट क्वालिटी और कैपिटल स्ट्रैटेजी
एसेट क्वालिटी की बात करें तो, बैंक में नए फंसे कर्जों (Fresh Slippages) में गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹3,686 करोड़ से घटकर ₹3,422 करोड़ रह गए। इसके बावजूद, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) का अनुपात पिछले तिमाही के 1.89% से बढ़कर 1.99% हो गया। बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (Capital Adequacy Ratio) 16.30% पर मजबूत बनी हुई है। आगे के लिए, बैंक 12-14% का लोन ग्रोथ टारगेट लेकर चल रहा है और अपने पोर्टफोलियो में अंतर्राष्ट्रीय एडवांसेस को 20% तक पहुंचाने के लिए डॉलर इनफ्लो बढ़ाने पर काम कर रहा है।
निवेशक बैंक की कैपिटल जुटाने की योजनाओं पर नजर रखेंगे, जिसमें FY28 तक ₹8,500 करोड़ इक्विटी कैपिटल और इस फाइनेंशियल ईयर में ₹6,000 करोड़ टियर-2 कैपिटल जुटाने की योजना शामिल है। आने वाली तिमाहियों में बैंक के अंतर्राष्ट्रीय लोन पोर्टफोलियो का प्रबंधन और क्रेडिट लागत में उतार-चढ़ाव के बीच मार्जिन को स्थिर रखने की क्षमता महत्वपूर्ण रहेगी।
