Bank of Baroda: पेंशन फंड बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा की एंट्री, बना दूसरा सरकारी बैंक

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bank of Baroda: पेंशन फंड बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा की एंट्री, बना दूसरा सरकारी बैंक

Bank of Baroda ने पेंशन फंड बिजनेस में कदम रख दिया है। PFRDA से मंजूरी मिलने के बाद बैंक ने अपनी नई सब्सिडियरी कंपनी में **80.10%** हिस्सेदारी ली है। यह कदम बैंक की फीस-बेस्ड इनकम बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति है।

नई सब्सिडियरी और रणनीति

Bank of Baroda ने आधिकारिक तौर पर पेंशन फंड मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। बैंक को PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) से नियुक्ति का सर्टिफिकेट मिल चुका है। इस विस्तार के लिए बैंक ने 21 सितंबर, 2026 को 'BOB पेंशन फंड मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड' नाम से एक नई सब्सिडियरी बनाई है। बैंक ने इसमें लगभग ₹80.10 करोड़ का निवेश किया है।

यह कदम बैंक की रेवेन्यू स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव है। State Bank of India के बाद यह दूसरा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है जो इस सेगमेंट में उतरा है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के एसेट्स मैनेज करके बैंक अपनी मौजूदा कस्टमर बेस और ब्रांच नेटवर्क का इस्तेमाल क्रॉस-सेलिंग के लिए करना चाहता है। साथ ही, डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए बैंक ने National Payments Corporation of India के साथ मिलकर BHIM ऐप में 'Tatkal NPS' सर्विस को भी जोड़ दिया है।

बाजार की चुनौतियां

पेंशन फंड मैनेजमेंट का बाजार काफी प्रतिस्पर्धी है, जिसमें पहले से ही 10 से ज्यादा कंपनियां सक्रिय हैं। बैंक की नई इकाई को अपना एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़ाने और ऑपरेशनल दक्षता बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि NPS के रिटर्न मार्केट से जुड़े होते हैं और इनमें कोई गारंटी नहीं होती। साथ ही, रेगुलेटरी अनुपालन (Compliance) का दबाव भी बना रहेगा। भविष्य में निवेशकों को बैंक की इस यूनिट के AUM ग्रोथ और नॉन-इंटरेस्ट इनकम में इसके योगदान पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.