Bank of Baroda ने 'UPI Global Reverse Acceptance' सुविधा लॉन्च की है, जिससे विदेशी पर्यटक अब भारत में सीधे UPI QR कोड से पेमेंट कर सकेंगे। इस डिजिटल विस्तार के बीच, निवेशक बैंक के खराब मार्जिन और रेगुलेटरी चुनौतियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
डिजिटल पेमेंट में नया मुकाम
Bank of Baroda ने अपनी नई सर्विस 'UPI Global Reverse Acceptance' को आधिकारिक रूप से पेश कर दिया है। इस सुविधा के जरिए सिंगापुर, यूएई, अमेरिका, फ्रांस, कतर, मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल और भूटान जैसे देशों से आने वाले पर्यटक अब अपने घरेलू बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर भारत में मौजूद Bank of Baroda के UPI QR कोड को स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे। इस कदम से न केवल पर्यटकों के लिए नकद ढोने की समस्या खत्म होगी, बल्कि NPCI International के उस लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी, जिसके तहत UPI को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाना है।
मुनाफे पर दबाव की असली वजह
जहां बैंक डिजिटल क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, वहीं फाइनेंशियल मोर्चे पर स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में बैंक को ₹5,680.23 करोड़ का बड़ा झटका लगा, जो NMC Group से जुड़े एक कानूनी सेटलमेंट के कारण हुआ। इसका असर बैंक के नेट प्रॉफिट पर साफ दिखा। इतना ही नहीं, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी गिरकर 2.77% पर आ गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.91% था।
रेगुलेटरी चुनौतियां और शेयर की सुस्ती
बैंक फिलहाल RBI की सख्त निगरानी में है। KYC नियमों और ब्याज दर से जुड़ी प्रक्रियाओं में खामियों के चलते बैंक पर पेनल्टी भी लगाई गई है, जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। यही कारण है कि बैंक का शेयर फिलहाल अपने 52-वीक लो के करीब ट्रेड कर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बैंक अपने इंटरेस्ट मार्जिन को सुधार पाएगा और रेगुलेटरी दबाव से बाहर निकलकर लोन ग्रोथ को गति दे पाएगा या नहीं।
