Bank of Baroda ने अपनी नई सब्सिडियरी, bob Securities & Giltedge Limited के साथ डेट मार्केट में एंट्री कर ली है। सरकारी सिक्योरिटीज में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ बैंक अपने मुनाफे के स्रोतों को भी डायवर्सिफाई कर रहा है, खासकर तब जब बैंक ने हालिया तिमाही में **35.8%** का जबरदस्त प्रॉफिट दर्ज किया है।
Bank of Baroda अब डेट कैपिटल मार्केट्स में अपनी भूमिका को और गहरा करने जा रहा है। बैंक ने आधिकारिक तौर पर अपनी नई सब्सिडियरी, bob Securities & Giltedge Limited को शुरू कर दिया है। एक नॉन-डिपॉजिट टेकिंग NBFC के रूप में, यह इकाई सरकारी सिक्योरिटीज में प्राइमरी डीलर और मार्केट मेकर की भूमिका निभाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक ब्याज आधारित कमाई पर निर्भरता कम करना और फीस-आधारित आय के नए रास्ते खोलना है।
नई रणनीति और फोकस
यह सब्सिडियरी कॉर्पोरेट बॉन्ड ओरिजिनेशन और सरकारी सिक्योरिटीज में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस करेगी। याद दिला दें कि बैंक ने इस साल ₹10,000 करोड़ के लॉन्ग-टर्म ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड पहले ही जुटाए हैं। अब इस नई इकाई के जरिए बैंक ट्रेडिंग और एडवाइजरी ऑपरेशन्स को स्केल करने की कोशिश में है।
RAM सेगमेंट पर बैंक का जोर
बैंक का पूरा ध्यान अपने RAM (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) सेगमेंट पर है, जो बैंक के कुल एडवांस का 64.2% हिस्सा है। मैनेजमेंट ने RAM पोर्टफोलियो में 18% की ग्रोथ का टारगेट रखा है, जिसमें MSME लेंडिंग में 20% की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और Q2, फाइनेंशियल ईयर 2027 में बैंक ने ₹6,532 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो सालाना आधार पर 35.8% ज्यादा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
मुनाफे की रफ्तार तेज है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। ट्रेजरी ऑपरेशन्स ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड्स में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो सीधे मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट कॉस्ट बढ़ने का दबाव है, जो नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIM) पर असर डाल सकता है। बैंक के 8,400 से ज्यादा ब्रांच नेटवर्क को ऑप्टिमाइज करना और नए बिजनेस से आने वाली फी-इनकम पर निवेशकों की नजर रहेगी।
