जुलाई 2026 में हुई एक डेटा ब्रीच की घटना के बाद, Bank of Baroda अब अपनी डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। बैंक ने तय किया है कि वह अपने आईटी सिक्योरिटी बजट को ऑपरेटिंग प्रॉफिट के मौजूदा **10%** के दायरे से बढ़ाएगा।
सुरक्षा के लिए कड़े कदम
जुलाई 2026 में एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के साथ हुई छेड़छाड़ के बाद, बैंक ने अपनी सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा शुरू कर दी है। एमडी Debadatta Chand के अनुसार, बैंक Cert-In जैसी एजेंसियों और बाहरी सलाहकारों के साथ मिलकर अपने डिजिटल ढांचे को और अधिक अभेद्य बना रहा है। इस पूरी कवायद का लक्ष्य है कि मानवीय भूलों (Human-centric risks) के कारण भविष्य में कोई भी डेटा सेंध न लगे।
मजबूती के साथ बढ़ रहा बैंक
सुरक्षा पर बढ़ता खर्च बैंक की वित्तीय सेहत पर असर नहीं डालेगा, क्योंकि बैंक का प्रदर्शन इस समय काफी दमदार है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में बैंक ने ₹6,532 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इतना ही नहीं, बैंक का आत्मविश्वास इतना ज्यादा है कि उन्होंने अपने लोन ग्रोथ गाइडेंस को पहले के 12-14% से बढ़ाकर 13-15% कर दिया है।
आगे की चुनौतियां
फिलहाल बैंक का ध्यान 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले Expected Credit Loss (ECL) प्रोविजनिंग नियमों की तैयारी पर है। इसके लिए बैंक खराब लोन की रिकवरी पर जोर दे रहा है ताकि बफर तैयार किया जा सके। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी होगी कि बढ़ते आईटी खर्च का बैंक के ऑपरेटिंग मार्जिन पर आने वाली तिमाहियों में क्या असर पड़ता है।
