NMC Healthcare के फाउंडर Dr. BR Shetty ने Bombay High Court में Bank of Baroda के खिलाफ **$15 बिलियन** का बड़ा मुकदमा दायर किया है। यह मामला 2020 में उनके बिजनेस ग्रुप के ढहने से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।
कानूनी दांव-पेच और आरोप
Dr. BR Shetty ने सीधे तौर पर Bank of Baroda को निशाने पर लेते हुए यह मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बैंक ने फंड की हेराफेरी के लिए एक 'सिस्टमैटिक मैकेनिज्म' के रूप में काम किया, जिसके कारण 2020 में NMC और UAE Exchange ग्रुप का पतन हुआ। इस मुकदमे में बैंक समेत 25 अन्य डिफेंडेंट्स का नाम शामिल है। आरोप है कि बैंक ने मनी लॉन्ड्रिंग अलर्ट्स को नजरअंदाज किया और फर्जी लोन गारंटी के आधार पर ट्रांजैक्शन्स को मंजूरी दी।
पिछला सेटलमेंट और कानूनी इतिहास
यह कोई पहली बार नहीं है जब बैंक इस मामले में कानूनी विवादों से घिरा है। जुलाई 2026 में, Bank of Baroda ने NMC Health के प्रशासकों के साथ $600 मिलियन का सेटलमेंट किया था, लेकिन उसमें बैंक ने किसी भी गलत काम की जिम्मेदारी नहीं ली थी। जुलाई 2024 में New York Supreme Court ने भी Dr. Shetty द्वारा दायर ऐसी ही एक याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे अब वे भारतीय अदालत में फिर से उठा रहे हैं।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
मुकदमे में $5 बिलियन का प्रत्यक्ष नुकसान, $5 बिलियन का परिणामी नुकसान और $5 बिलियन मानहानि के तौर पर मांगे गए हैं। इतने बड़े दावे से Bank of Baroda के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि अदालत इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है और बैंक का डिफेंस कितना मजबूत रहता है। यह कानूनी लड़ाई बैंक के मौजूदा ऑपरेशंस पर कितना असर डालेगी, इस पर मार्केट की नजरें बनी रहेंगी।
