ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार, टारगेट ₹320
प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Bank of Baroda पर अपना भरोसा जताते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹300 से बढ़ाकर ₹320 कर दिया है। साथ ही, 'BUY' रेटिंग को भी बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की एसेट क्वालिटी और ग्रोथ की संभावनाएं अच्छी हैं। यह लक्ष्य मार्च 2027 के एडजस्टेड बुक वैल्यू पर 1.0x के मल्टीपल के आधार पर तय किया गया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि चालू फाइनेंशियल ईयर में बैंक का लोन ग्रोथ 11-13% और डिपॉजिट ग्रोथ 10% रह सकती है।
नतीजों में दिखी चिंता की लकीरें
इस बुलिश आउटलुक के बावजूद, बैंक के हालिया तिमाही नतीजों ने कुछ चिंताएं जरूर पैदा की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के रिपोर्टेड कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में पिछले तिमाही की तुलना में 5-10 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई है, जो इंडस्ट्री के रुझानों से अलग है। इसके अलावा, कोर फी इनकम (Fee Income) में भी तिमाही-दर-तिमाही 5% की कमी देखी गई।
प्रोविजनिंग बफर में बड़ी कटौती
एक और अहम चिंता का विषय प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो (PCR) में आई बड़ी गिरावट है। यह 192 बेसिस पॉइंट घटकर 72% पर आ गया है। हालांकि, नेट स्लिपेज (Net Slippages) कंट्रोल में रहे, लेकिन प्रोविजनिंग बफर का कम होना भविष्य में लोन लॉस को लेकर थोड़ी अनिश्चितता बढ़ा सकता है। बैंक ने एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) के इंपैक्ट के बारे में जानकारी दी है, जिसके तहत एक बार में लगभग 60 बेसिस पॉइंट और उसके बाद सालाना 18 बेसिस पॉइंट का असर दिख सकता है।
बढ़ता LDR और वैल्यूएशन
बैंक का लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) 85.7% पर पहुंच गया है, जो कि एक अहम लेवल है और इस पर नजर रखनी होगी, खासकर तब जब बैंक अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखना चाहता है। पब्लिक सेक्टर बैंक होने के नाते Bank of Baroda का P/E रेशियो (लगभग 7.5 से 8.17) प्राइवेट बैंकों जैसे ICICI Bank (17.6-19.0) और HDFC Bank (19.7-20.98) की तुलना में काफी कम है, जिससे यह वैल्यू प्ले के तौर पर नजर आता है।
सेक्टर का हाल और आगे क्या?
भारतीय बैंकिंग सेक्टर अभी मार्जिन प्रेशर और डिपॉजिट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। इस माहौल में Bank of Baroda की NIMs में आई कमी और प्रोविजनिंग बफर का घटना इसे जांच के दायरे में लाता है। कुल मिलाकर, 19 रिपोर्ट्स और 8 एनालिस्ट्स की मानें तो औसत प्राइस टारगेट करीब ₹322.50 है, जो मौजूदा लेवल्स से करीब 12.59% के अपसाइड का संकेत देता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बैंक मार्जिन को कैसे स्थिर करता है और लोन ग्रोथ के साथ-साथ प्रोविजनिंग को कैसे मैनेज करता है।
