Bank of America पर **$5 बिलियन** से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट न करने के आरोप में **$1.2 बिलियन** का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसका सीधा असर कंपनी के Q3 नतीजों पर पड़ेगा, जिससे प्रति शेयर मुनाफा **17 सेंट** तक घट सकता है।
भारी-भरकम जुर्माने का असर
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने Bank of America पर मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और प्रतिबंधों के अनुपालन में गंभीर खामियों के लिए कुल $1.2 बिलियन से अधिक का जुर्माना ठोक दिया है। इसमें Office of the Comptroller of the Currency (OCC) द्वारा लगाया गया $750 मिलियन का रिकॉर्ड जुर्माना भी शामिल है, जो बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी पेनल्टी में से एक है।
कमाई पर पड़ेगा सीधा असर
बैंक ने पुष्टि की है कि इस $1.2 बिलियन के नॉन-टैक्स-डिडक्टिबल चार्ज को वह अपने तीसरे तिमाही (Q3) के नतीजों में दिखाएगा। बैंक के डिस्क्लोजर के अनुसार, इस पेनल्टी से नेट इनकम में प्रति शेयर लगभग 17 सेंट की गिरावट आएगी, जो सीधे तौर पर शेयरधारकों के रिटर्न को प्रभावित करेगी।
क्या रही मुख्य गड़बड़ी?
नियामकों की जांच में पाया गया कि बैंक $5 बिलियन से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन को मॉनिटर और रिपोर्ट करने में विफल रहा। इसमें मुख्य रूप से चीनी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और सीमा पार अवैध गतिविधियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन शामिल थे। इसके अलावा, Office of Foreign Assets Control (OFAC) के साथ रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में बैंक ने $11.6 मिलियन का अलग से समझौता किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
Bank of America ने 1970 के 'Bank Secrecy Act' के तहत जानबूझकर बरती गई लापरवाही को स्वीकार किया है। बैंक का कहना है कि वे अब अपनी कंप्लायंस टेक्नोलॉजी और स्टाफ को अपग्रेड करने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं। हालांकि, जानबूझकर की गई गलती की स्वीकारोक्ति के बाद अब बैंक पर नियामक संस्थाओं की नजर और सख्त हो गई है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या इन बड़े कंप्लायंस खर्चों के कारण भविष्य में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और क्या बैंक अपनी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी खो देगा।
