देशभर के बैंक कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई बातचीत के बाद अपनी प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को वापस ले लिया है। अब एक नई कमेटी 5-दिन के वर्किंग वीक की मांग पर विचार करेगी, जिससे बैंकिंग कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा।
देशभर में बैंकिंग कामकाज अब सुचारू रूप से जारी रहेगा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के फैसले को वापस लेने के बाद खाताधारकों और कॉरपोरेट ग्राहकों ने राहत की सांस ली है। इस समझौते से चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और लोन प्रोसेसिंग जैसी अहम सेवाएं बाधित नहीं होंगी।
5-Day Work Week पर बनी कमेटी
इस समझौते का सबसे मुख्य बिंदु 5-दिन के वर्किंग वीक की मांग पर समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन है। फिलहाल बैंक कुछ शनिवार को खुले रहते हैं, जबकि कर्मचारी सभी शनिवार को छुट्टी की मांग कर रहे हैं। अब यह कमेटी तय करेगी कि क्या इसे आधुनिक कार्यशैली के हिसाब से लागू किया जा सकता है। निवेशकों की नजर इस पर रहेगी कि क्या इससे ब्रांच की वर्किंग ऑवर्स में बदलाव होगा या डिजिटल ऑटोमेशन में निवेश बढ़ाना पड़ेगा।
PLI और पेंशन पर चर्चा
वर्किंग वीक के अलावा, दोनों पक्षों ने स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) पर बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। साथ ही, साल 2024 की शुरुआत में उठाए गए अन्य लंबित मुद्दों जैसे पेंशन लाभ, डियरनेस अलाउंस (DA) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ी मांगों पर भी विचार किया जाएगा।
बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता
हड़ताल के टलने से बैंकिंग सेक्टर की ऑपरेशनल निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि भारत में UPI और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार हुआ है, लेकिन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आज भी फिजिकल ब्रांच की भूमिका अहम है। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की मध्यस्थता ने यह साफ कर दिया है कि सरकार वित्तीय सिस्टम में श्रम स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
